aaj kya hai 14 april 2026: 14 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक उत्सव और सामाजिक प्रेरणा का अद्भुत संगम लेकर आया है। आज एक साथ कई महत्वपूर्ण पर्व और विशेष अवसर मनाए जा रहे हैं। जहां एक ओर श्रद्धालु वरुथिनी एकादशी व्रत का पारण कर रहे हैं, वहीं देश-विदेश में आंबेडकर जयंती, बैसाखी, मेष संक्रांति, जुड़ शीतल और नेपाल नववर्ष का उत्साह भी देखने को मिल रहा है। पंचांग के अनुसार आज वैशाख कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि (Aaj ki Tithi) है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ मानी जाती है।
वरुथिनी एकादशी 2026 पारण कब है
वैष्णव परंपरा में वरुथिनी एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना से पापों का नाश और सौभाग्य की प्राप्ति मानी जाती है।
इस वर्ष व्रत का पारण 14 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। एकादशी पारण समय: सुबह 06:54 बजे से 08:30 बजे तक रहेगा। वहीं हरि वासर समाप्ति सुबह 06:54 बजे होगी। मान्यता है कि निर्धारित समय में व्रत खोलने से एकादशी व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
आज 14 अप्रैल को मेष संक्रांति 2026
आज सूर्य देव के मेष राशि में प्रवेश के साथ मेष संक्रांति मनाई जा रही है। ज्योतिषीय दृष्टि से इसे नए सौर वर्ष की शुरुआत माना जाता है। कई राज्यों में इसे कृषि, ऊर्जा और नए कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। स्नान-दान और सूर्य पूजा का विशेष महत्व रहता है।
आज 14 अप्रैल को बैसाखी है
पंजाब और उत्तर भारत में आज बैसाखी का उल्लास चरम पर है। यह पर्व नई फसल के आगमन और किसानों की मेहनत की खुशी का प्रतीक है। गुरुद्वारों में कीर्तन, लंगर और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं, जबकि लोग पारंपरिक नृत्य-भांगड़ा और गिद्धा के साथ उत्सव मनाएंगे।
आज 14 अप्रैल को जुड़ शीतल
बिहार और मिथिला क्षेत्र में आज जुड़ शीतल मनाया जा रहा है। इस दिन प्रकृति को ठंडक देने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाता है। घरों में ठंडा भोजन, जल अर्पण और पेड़-पौधों को पानी देना शुभ माना जाता है। यह पर्व जीवन में संतुलन और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
आज 14 अप्रैल को नेपाल का नया साल
आज नेपाल में भी नववर्ष का स्वागत किया जा रहा है। नेपाली समुदाय के लिए यह दिन नई आशाओं, योजनाओं और सांस्कृतिक उत्सवों की शुरुआत का प्रतीक है। मंदिरों में पूजा और पारिवारिक समारोहों का विशेष महत्व रहता है।
आज 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती
आज भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पूरे देश में सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के संदेश देने वाले बाबा साहेब का जीवन आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है। सरकारी संस्थानों से लेकर शैक्षणिक परिसरों तक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और लोग उनके विचारों को याद कर समाज में समरसता का संकल्प ले रहे हैं।
आज 14 अप्रैल का दिन क्यों है खास
एक ही दिन पर आध्यात्मिक साधना, सामाजिक प्रेरणा, कृषि उत्सव और नए वर्ष की शुरुआत जैसे कई आयाम जुड़ जाना इस तारीख को बेहद विशेष बना देता है। 14 अप्रैल 2026 हमें यह संदेश देता है कि भारतीय संस्कृति विविधताओं में एकता और परंपराओं में जीवन का उत्सव खोजने की अद्भुत क्षमता रखती है।
आज का दिन श्रद्धा, कृतज्ञता और सकारात्मक शुरुआत का है—जहां आस्था भी है, इतिहास भी और भविष्य की नई उम्मीदें भी।
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