Aaj ka Puja time 14 April 2026 (आज का पूजा मुहूर्त 14 अप्रैल 2026): 14 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत विशेष माना जा रहा है। इस दिन वरुथिनी एकादशी व्रत का पारण, मेष संक्रांति, बैसाखी और मंगलवार का पावन संयोग भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर आया है। वैष्णव, हनुमान भक्त और मंगल देव (aaj ka puja muhurat) की उपासना करने वालों के लिए आज का दिन पुण्य और साधना का उत्तम अवसर है। आइए जानते हैं आज के प्रमुख पूजा मुहूर्त और धार्मिक महत्व।
वरुथिनी एकादशी 2026 पारण का समय
जो श्रद्धालु 13 अप्रैल को वरुथिनी एकादशी का व्रत रख चुके हैं, वे आज इसका पारण करेंगे। शास्त्रों के अनुसार एकादशी व्रत का पारण सही समय पर करना अत्यंत आवश्यक माना गया है, तभी व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
पारण का शुभ समय सुबह 06:54 बजे से 08:30 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि पारण हरि वासर समाप्त होने के बाद ही करना चाहिए। आज हरि वासर समाप्ति का समय सुबह 06:54 बजे है, इसलिए इसके बाद ही व्रत खोलना शुभ रहेगा। पारण के समय पहले भगवान विष्णु का स्मरण करें, तुलसी युक्त जल ग्रहण करें और सात्विक भोजन से व्रत समाप्त करें।
आज 14 अप्रैल को हनुमान जी का जाप कब करें
आज मंगलवार होने के कारण हनुमान जी की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि मंगलवार को बजरंगबली की पूजा करने से भय, रोग, बाधा और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
आज हनुमान जी जाप का श्रेष्ठ समय:
- सूर्योदय के बाद सुबह 07:00 बजे से 11:00 बजे तक
- शाम को सूर्यास्त के बाद 06:30 बजे से 08:30 बजे तक
इस दौरान हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का जाप करने से मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास बढ़ता है। लाल फूल, सिंदूर और गुड़-चना का भोग लगाना शुभ माना गया है।
आज 14 अप्रैल को मंगल देव की पूजा का शुभ मुहूर्त
मंगलवार का दिन मंगल ग्रह यानी मंगल देव को समर्पित होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल देव साहस, भूमि, ऊर्जा और निर्णय क्षमता के कारक ग्रह माने जाते हैं। जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष या कार्यों में बाधा चल रही हो, उनके लिए आज की पूजा विशेष लाभकारी है।
मंगल देव पूजा का उत्तम समय:
- सुबह 06:30 बजे से 09:00 बजे तक
- दोपहर 12:15 बजे से 01:45 बजे तक
पूजा में लाल वस्त्र, मसूर दाल, लाल चंदन और लाल पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है। “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप विशेष फल देता है।
आज 14 अप्रैल के दिन का धार्मिक महत्व
आज का दिन कई शुभ संयोगों से भरा हुआ है। एक ओर एकादशी व्रत का समापन है तो दूसरी ओर सूर्य के मेष राशि में प्रवेश का पावन अवसर भी है। बैसाखी और नव संवत्सर की ऊर्जा नए आरंभ, सकारात्मकता और समृद्धि का संकेत देती है। धार्मिक मान्यता है कि आज किए गए दान-पुण्य, जप और पूजा कई गुना फल प्रदान करते हैं।
आज 14 अप्रैल को क्या करें
- एकादशी पारण नियमपूर्वक करें
- भगवान विष्णु और तुलसी की पूजा करें
- हनुमान जी को सिंदूर और चमेली तेल अर्पित करें
- मंगल देव के लिए लाल वस्तुओं का दान करें
- जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र दान करें
आस्था और अनुशासन के साथ किया गया छोटा-सा पूजा कर्म भी जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। इसलिए आज का दिन भक्ति, संयम और शुभ संकल्प के साथ बिताना ही सबसे बड़ा आध्यात्मिक उपाय माना गया है।
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