अध्यात्म

आज क्या है एक मार्च 2026 को, आज कौन सा व्रत है, आज की तिथि, आज प्रदोष व्रत है क्या, आज प्रदोष कब से कब तक रहेगा

Aaj kya hai 1 March 2026 (Aaj kaun sa vrat hai), Is Pradosh vrat Today: एक मार्च 2026 को रविवार का दिन है। इस दिन फाल्गुन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी है। आगे जानें कि क्या आज ही प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। अगर हां तो आज का प्रदोष काल कब रहेगा। साथ ही देखें आज का सूर्योदय और सूर्यास्त् का टाइम भी।

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आज क्या है एक मार्च 2026 को

Aaj kya hai 1 March 2026 (Aaj kaun sa vrat hai), Is Pradosh vrat Today: 1 मार्च 2026, रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। आज फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है और आज ही श्रद्धा व भक्ति से किया जाने वाला प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। आइए जानते हैं आज की तिथि, व्रत, प्रदोष काल और सूर्यास्त का समय। वैसे रविवार होने के नाते आज रवि प्रदोष रखा जा रहा है।

आज 1 मार्च 2026 की तिथि क्या है

1 मार्च 2026 को रविवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन माह चल रहा है। यह तिथि शुक्ल पक्ष की है, जिसे शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। आज त्रयोदशी तिथि पड़ रही है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व है। त्रयोदशी खासकर भगवान शिव की उपासना के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है। इसलिए आज का दिन पूजा-पाठ और व्रत के लिए बेहद पवित्र माना जा रहा है।

भक्तों की जानकारी के लिए बता दें कि त्रयोदशी तिथि भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन प्रदोष व्रत रखकर शिव शंभू की भक्ति की जाती है।

क्या आज 1 मार्च 2026 को प्रदोष व्रत है

आज रविवार प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। रविवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की संध्या काल में पूजा की जाती है। मान्यता है कि प्रदोष व्रत करने से कष्टों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

आज 1 मार्च 2026 को प्रदोष काल कब से कब तक रहेगा

आज एक मार्च 2026 को रविवार के दिन प्रदोष काल शाम लगभग 5:45 बजे से रात 8:15 बजे तक रहेगा। इसी समय भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

आज एक मार्च 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

आज एक मार्च 2026 को सूर्योदय सुबह लगभग 6:48 बजे होगा। वहीं सूर्यास्त शाम लगभग 6:20 बजे तक होगा। सूर्यास्त के बाद ही प्रदोष काल प्रारंभ होता है, इसलिए शिव पूजा संध्या समय करना विशेष फलदायी माना गया है।

प्रदोष व्रत का महत्व

शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने का प्रभावी माध्यम है। इस दिन व्रत रखकर बेलपत्र, धतूरा, कच्चा दूध और गंगाजल अर्पित करने से विशेष पुण्य फल मिलता है। जो लोग संतान सुख, विवाह, स्वास्थ्य या आर्थिक समस्याओं से परेशान हैं, उनके लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

इस प्रकार 1 मार्च 2026 का दिन शिव भक्तों के लिए बेहद खास है। यदि आप शिव कृपा पाना चाहते हैं, तो आज श्रद्धा भाव से प्रदोष व्रत करें और संध्या समय भगवान शिव का ध्यान अवश्य करें।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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