अध्यात्म

Aaj Ka Panchang, 31 October 2022: पंचांग से जानें आज के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त

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  • Updated Oct 30, 2022, 03:31 PM IST

Aaj Ka Panchang 31 October 2022 in Hindi Today: आज का पंचांग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त।

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आज का पंचांग

Aaj Ka Panchang 31 October 2022 in Hindi Today: सुजीत जी महाराज- आज कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है।आज सोमवार है।भगवान शिव जी का है। आज कनकधारा स्तोत्र,श्री सूक्त व दुर्गासप्तशती का पाठ व हवन करें।उत्तराषाढ़ा नक्षत्र है।आज भगवान शिव जी की उपासना के साथ हनुमान जी की पूजा भी करें। आज सुंदरकांड के पाठ करने का बहुत सुंदर अवसर है। मंदिर में हनुमान जी का दर्शन करें। श्री रामचरितमानस का पाठ करें।गीता के पाठ का आज बहुत महत्व है। रात्रि में चन्द्रमा को दुग्ध से अर्ध्य दें व शिवपूजा के लिए मंदिर में भगवान शिव को दुग्ध,गंगाजल व शहद से रुद्राभिषेक करें व उनको बेल पत्र अर्पित करें।आज रात्रि में कई तांत्रिक उपासना भी होती है।बंगलामुखी अनुष्ठान व प्रत्यंगरा अनुष्ठान के लिए भी आज बेहतर तिथि है।

आज माता काली जी की स्तुति करें।आज दान का बहुत महत्व व पुण्य है।आज पुण्य संचय करने का महान दिवस है।आज रात्रि में हनुमान बाहुक के पाठ का अनन्त पुण्य है।

प्रातःकाल पञ्चाङ्ग का दर्शन ,अध्ययन व मनन आवश्यक है।शुभ व अशुभ समय का ज्ञान भी इसी से होता है। अभिजीत मुहूर्त का समय सबसे बेहतर होता है।इस शुभ समय में कोई भी कार्य प्रारंभ कर सकते हैं।विजय व गोधुली मुहूर्त भी बहुत ही सुंदर होता है।राहुकाल में कोई भी कार्य या यात्रा आरम्भ नहीं करना चाहिए।

दिनांक-31 अक्टूबर 2022

दिवस-सोमवार

माह-कार्तिक,शुक्ल पक्ष,

तिथि-सप्तमी सूर्योदय-06:33am

सूर्यास्त-05:34pm। नक्षत्र-उत्तराषाढ़ा सूर्य राशि- तुला

चन्द्र राशि-धनु

करण-गर

योग-धृति

शुभ मुहूर्त-

1. अभिजीत-11:53am से 12:45 pm तक।

2. विजय मुहूर्त-02:31pm से 03:26 pm तक

3. गोधुली मुहूर्त--06:41pm से 07:06pm तक

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-प्रातःकाल 07:30 बजे से 09 बजे तक

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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