अध्यात्म

30 March 2025 Navratri Shubh Muhurat: आज के पंचांग से जानिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और आज का अभिजीत मुहूर्त

30 March 2025 Navratri Shubh Muhurat: आज चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। ऐसे में आज से नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत हो गई है। साथ ही आज से हिंदुओं का नया साल भी शुरू हो गया है। जानिए आज घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

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Aaj Ka Panchang 30 March 2025

30 March 2025 Navratri Shubh Muhurat: आज चैत्र माह शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज से नवरात्रि आरम्भ है। आज ही कलश स्थापित कर दुर्गासप्तशती का पाठ होता है। माता दुर्गा जी को समर्पित यह महान उपवास शक्ति उपासना का पुनीत अवसर है। पूरे नवरात्र में माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना करें। नियम पूर्वक व्रत व दान -पुण्य करना बहुत फलित होता है। खूब दान करें। शिव मन्दिर परिसर में बेल, बरगद ,आम, पाकड़ व पीपल का पेड़ लगाएं। सत्य मार्ग पर चलें। अपने घर के मंदिर में अखण्ड दीप जलाइए। दुर्गासप्तशती का नित्य पाठ करें। सिद्धिकुंजिकास्तोत्र का पाठ अवश्य करें। माता दुर्गा के 32 व 108 नामों का जप करें।

कलश स्थापना मुहूर्त 2025 (Kalash Sthapana Muhurat 2025)

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त--प्रातःकाल 06:14 से 10:23

अभिजीत मुहूर्त-12:01 दोपहर से 12:50 दोपहर तक

30 मार्च 2025 का पंचांग (30 March 2025 Panchang)

संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-चैत्र,कृष्ण पक्ष

तिथि चैत्र माह शुक्ल पक्ष प्रतिपदा

पर्व-नवरात्र प्रारम्भ

दिवस -रविवार

सूर्योदय-06:17am

सूर्यास्त-6:37pm

नक्षत्र- रेवती 04:35 pm तक फिर अश्वनी

चन्द्र राशि - मीन, स्वामी ग्रह-गुरु 04:34 pm तक फिर मेष,स्वामी ग्रह-मङ्गल

सूर्य राशि- मीन,स्वामी ग्रह-गुरु

करण-- बव 12:46pm तक फिर बालव

योग- इंद्र 05;54 pm तक फिर वैधृति

30 मार्च 2025 शुभ मुहूर्त (30 March 2025 Shubh Muhurat)

अभिजीत-12:01 pm से 12:50 pm तक

विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:26pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:22pm से 07:22pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:03m से 05:09am तक

अमृत काल-06:03am से 07:44am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:25 तक रात

संध्या पूजन-06:30pm से 07:05pm तक

दिशा शूल-पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-सायंकाल 4:30 बजे से 06 बजे तक

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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