अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 3 August 2024: सावन शिवरात्रि व्रत का पारण कितने बजे होगा और क्या होगा राहुकाल समय, यहां जानें पूरा पंचांग

Aaj Ka Panchang 3 August 2024: आज के दिन सावन शिवरात्रि व्रत का पारण किया जाएगा। इस दिन सुबह 5 बजकर 34 मिनट के बाद इस व्रत का पारण कर सकते हैं। आइए जानें पूरा पंचांग।

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Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang 3 August 2024 (आज का पंचांग 3 अगस्त 2024): आज के दिन सावन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का समापन दोपहर 3 बजकर 49 मिनट के बाद हो जाएगा। उसके बाद अमावस्या तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:57 से 12:47 तक रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करना शुभ रहेगा। शनिवार के दिन राहुकाल का समय प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक रहेगा। आज के दिन पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचें। इस दिशा में दिशा शूल रहेगा। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग।

Aaj Ka Panchang 3 August 2024 (आज का पंचांग 3 अगस्त 2024)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-श्रावण ,कृष्ण पक्ष

तिथि-- चतुर्दशी 03:49 pm तक फिर अमावस्या

व्रत- श्रावण शिवरात्रि व्रत

दिवस-शनिवार

सूर्योदय-05:34am

सूर्यास्त-07:16pm

नक्षत्र- पुनर्वसु 11:57am तक फिर पुष्य

चन्द्र राशि- कर्क,स्वामीग्रह-चन्द्रमा

सूर्य राशि- कर्क ,स्वामी -चन्द्रमा

करण-शकुनि04 pm तक फिर चतुष्पद

योग: वज्र11:02am तक फिर सिद्धि

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:57am से 12:47 pm

2विजय मुहूर्त-02:26pm से 03:27 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:35 pm से 07:24pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:08m से 05:09am तक

5अमृत काल-06:09am से 07;55am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:55से 12:43तक रात

संध्या पूजन-06:22 pm से 07:24pm तक

दिशा शूल -पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक

क्या करें-अमावस्या का व्रत करें। अमावस्या में सूर्य व चन्द्रमा एक ही राशि में रहते हैं। कुशोदक से शिव लिंग का रुद्राभिषेक करें। घर मे नर्मदेश्वर या पारद शिवलिंग रखें व उनकी उपासना करें। श्रावण माह में भगवान शिव व माता दुर्गा जी को प्रसन्न करना सहज भक्ति भाव से ही आसान हो जाएगा आज बहुत पवित्र तिथि है। श्रावण बहुत पावन माह है। दिन भर व्रत रहें।भगवान शिव जी की उपासना करें। शिवलिंग की उपासना करें। दुर्गासप्तशती का पाठ भी करें। फलों का दान करे।शिव मंदिर परिसर में बरगद, पीपल व बेल का पेड़ लगाएं। आज रुद्राभिषेक करने से सभी कष्ट समाप्त होते हैं। आज रुद्राभिषेक करने से धन,सम्पदा व ऐश्वर्य का सुआगमन होता है। श्रावण माह में मास परायण करें। मतलब एक माह में सम्पूर्ण श्री रामचरितमानस का पाठ पूर्ण कर तत्पश्चात हवन करें। चने की दाल के दान का बहुत महत्व है। रात्रि में माता काली जी की उपासना करें।

क्या न करें-असत्य से बचें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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