आज का पंचांग (29 December 2025): आज पौष मास के शुक्ल पक्ष की नवमी सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगी, फिर दशमी लग जाएगी। नक्षत्र रेवती सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगा, फिर अश्विनी नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा मीन राशि में सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगा, उसके बाद मेष राशि में प्रवेश करेगा। योग परिघ सुबह 7 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। करण तैतिल शाम 9 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। आज सोमवार है – शिव उपासना, महामृत्युंजय जप और दूध-दही अर्पित करना विशेष फलदायी रहेगा।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 13 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 33 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा दोपहर 12 बजकर 54 मिनट पर उदय होगा और 30 दिसंबर रात 2 बजकर 33 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 20 मिनट 23 सेकंड और रात की 13 घंटे 39 मिनट 56 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल नवमी सुबह 10:12 तक, फिर शुक्ल दशमी। नक्षत्र रेवती सुबह 7:41 तक, फिर अश्विनी। करण गर 30 दिसंबर रात 1:31 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत और अमान्त)। प्रविष्टे/गते 14।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन दक्षिणायन।
29 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:24 से 6:18 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:51 से 7:13 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:03 से 12:44 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:07 से 2:48 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:31 से 5:58 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:33 से 6:55 बजे तक
- अमृत काल: रात 11:21 से 30 दिसंबर सुबह 12:50 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:56 बजे से 30 दिसंबर सुबह 12:51 तक
29 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 8:31 से 9:48 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 11:06 से दोपहर 12:23 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 1:41 से 2:58 बजे तक
- आडल योग: सुबह 7:13 से 7:41 बजे तक
- विडाल योग: सुबह 7:41 से 30 दिसंबर सुबह 6:04 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:44 से 1:25 बजे तक
- वर्ज्य: शाम 2:48 से 3:29 बजे तक
- बाण: रज – रात 10:19 तक
- पंचक: सुबह 7:13 से 7:41 बजे तक
- गंड मूल: सुबह 7:13 से 30 दिसंबर सुबह 6:04 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में मातंग सुबह 7:41 तक, फिर राक्षस। तमिल योग में अमृत सुबह 7:41 तक, फिर मरण। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में एक नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति शुक्र को (30 दिसंबर सुबह 6:04 तक), फिर शनि को। दिशा शूल पूर्व दिशा में – पूर्व की यात्रा टालें। अग्निवास सुबह 10:12 तक पृथ्वी में, फिर आकाश में। चंद्र वास सुबह 7:41 तक उत्तर में, फिर पूर्व में। शिववास सुबह 10:12 तक गौरी के साथ, फिर सभा में। राहु वास उत्तर-पश्चिम, कुंभ चक्र दक्षिण में।
आज रेवती नक्षत्र और चंद्रमा मीन से मेष में होने से नई शुरुआत और साहस बढ़ेगा। सोमवार होने से शिवलिंग पर दूध-दही चढ़ाएं, महामृत्युंजय मंत्र जपें और काले तिल दान करें। सारे कष्ट दूर होंगे।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी पंचांग पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
