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Aaj ka Panchang 28 March 2025: आज है चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि, जान‍िए शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशा शूल की पूरी जानकारी यहां

Aaj ka Panchang 28 March 2025 (आज का पंचांग 28 मार्च 2025): हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में प्रत्येक दिन का विशेष महत्व होता है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस दिन व्रत और पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को धन, सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्‍त्र के अनुसार शुक्र ग्रह प्रेम, सौंदर्य, वैवाहिक जीवन और विलासिता का कारक माना जाता है। ऐसे में आज की त‍िथि‍ से जुड़ी अधिक जानकारी के ल‍िए यहां पढ़ें आज का पंचांग।

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Aaj Ka Panchang 28 March 2025

Aaj ka Panchang 28 March 2025 (आज का पंचांग 28 मार्च 2025): शुक्रवार हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत ही शुभ दिन माना जाता है। इस दिन का संबंध मां लक्ष्मी और मां आद‍िशक्‍त‍ि के व‍िभिन्‍न स्‍वरूपों से माना जाता है तथा ये शुक्र ग्रह से भी जुड़ा हुआ है। मां लक्ष्मी धन, ऐश्वर्य और सौभाग्य की देवी हैं, इसलिए शुक्रवार को इनकी पूजा करने से जीवन में समृद्धि और आर्थिक उन्नति होती है। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को प्रेम, सौंदर्य, वैवाहिक सुख और भौतिक संपन्नता का प्रतीक माना गया है। जिनकी कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है, उन्हें जीवन में ऐश्वर्य, आकर्षण और सौभाग्य प्राप्त होता है, जबकि शुक्र ग्रह का कमजोर होना , जातक की सुख-सुविधाओं में बाधा उत्पन्न कर सकता है। इस दिन सफेद या गुलाबी रंग के वस्त्र पहनना, चावल, दूध, दही और मिश्री का दान करना शुभ माना जाता है। शुक्रवार को व्रत रखने से विशेष लाभ मिलते हैं। इस दिन माता लक्ष्मी की आरती, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ और दान-पुण्य करने से धन की वृद्धि होती है। ऐसे में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और तिथि से महत्वपूर्ण जानकारियों को जानने के ल‍िए यहां देखें 28 मार्च का पंचांग।

आज का पंचांग 28 मार्च 2025 (Aaj ka Panchang 28 March 2025)

  • संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
  • माह - चैत्र, कृष्ण पक्ष,
  • तिथि - चैत्र माह कृष्ण पक्ष चतुर्दशी 07:56 पी.एम तक फिर अमावस्या
  • पर्व - वैभव लक्ष्मी व्रत
  • दिवस - शुक्रवार
  • सूर्योदय - 06:17 ए.एम सूर्यास्त - 6:37 पी.एम
  • नक्षत्र - पूर्वाभाद्रपद 10:10 पी.एम तक फिर उत्तराभाद्रपद
  • चंद्र राशि - कुंभ, स्वामी-शनि 04:49 पी.एम तक फिर मीन, स्वामी ग्रह-गुरु
  • सूर्य राशि - मीन, स्वामी ग्रह-गुरु
  • करण - विष्टि 09:26 ए.एम तक फिर शकुनि
  • योग - शुक्ल

आज के शुभ मुहूर्त

  • अभिजीत - 12:02 पी.एम से 12:57 पी.एम तक
  • विजय मुहूर्त - 02:23 पी.एम से 03:26 पी.एम तक
  • गोधुली मुहूर्त - 06:22 पी.एम से 07:22 पी.एम तक
  • ब्रम्ह मुहूर्त - 4:03 ए.एम से 05:09 ए.एम तक
  • अमृत काल - 06:03 ए.एम से 07:44 ए.एम तक
  • निशीथ काल मुहूर्त - रात 11:43 से 12:25 तक
  • संध्या पूजन - 06:30 पी.एम से 07:05 पी.एम तक

दिशा शूल - पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशा शूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें। पक्षियों को दाना-पानी दें।

अशुभ मुहूर्त - राहुकाल-प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक

क्या करें - आज चैत्र माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। अमावस्या की तिथि आज नहीं बल्कि कल मान्य है। आज लोग वैभव लक्ष्मी का व्रत रहेंगे। भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी को समर्पित यह महान व्रत है। आज श्रद्धा पूर्वक धन प्राप्ति हेतु माता की उपासना करें। आज नियम पूर्वक व्रत व दान -पुण्य करना बहुत फलित होता है। विष्णु परम ब्रम्ह हैं। ॐ नमो भगवते वासुदेवायः मंत्र का जप करें। श्री सूक्त का पाठ करें। सात अन्न व फलों का दान करें। शिव मंद‍िर परिसर में बेल, बरगद ,आम, पाकड़ व पीपल का पेड़ लगाएं । आज भगवान विष्णु जी के नाम का संकीर्तन करें। श्री रामचरितमानस का पाठ करें। भक्ति मार्ग पर चलें। अपने घर के मंदिर में अखण्ड दीप जलाइए। हवन पूजन करें। भगवान के नाम जो भी आपका इष्ट हो उनका निरंतर मानसिक जप करते रहें। कनकधारा स्तोत्र का पाठ धन आगमन करवा सकता है। पत्नी को स्वर्ण आभूषण दे सकते हैं।

क्या न करें - असत्य से बचें। पत्नी का अपमान मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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