अध्यात्म

26 नवंबर का पंचांग, जानिए आज के दिन शुभ और अशुभ काल का क्या रहेगा समय?

Aaj Ka Pancha​ng: दैनिक पंचांग के माध्यम से आप दिन के शुभ और अशुभ काल के बारे में आराम से जान सकते हैं। आज 26 नवंबर दिन बुधवार को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज के दिन किस समय पर पूजा पाठ करना शुभल रहेगा। यह आप पंचांग से जान सकते हैं।

26 नवंबर बुधवार का पंचांग

26 नवंबर बुधवार का पंचांग

Aaj Ka Panchang: 26 नवंबर 2025, बुधवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 27 नवंबर सुबह 12 बजकर 1 मिनट तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी। नक्षत्र श्रवण 27 नवंबर सुबह 1 बजकर 33 मिनट तक रहेगा, फिर धनिष्ठा नक्षत्र लगेगा। योग में वृद्धि दोपहर 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। करण कौलव सुबह 11 बजकर 33 मिनट तक और तैतिल 27 नवंबर सुबह 12 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। आज रवि योग सुबह 6 बजकर 53 मिनट से 27 नवंबर सुबह 1 बजकर 33 मिनट तक रहेगा – यह शुभ कार्यों के लिए अत्यंत उत्तम योग है।

सूर्योदय और चंद्रोदय का समय

सूर्य आज सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 24 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर उदय होगा और रात 10 बजकर 33 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 31 मिनट 41 सेकंड और रात की अवधि 13 घंटे 29 मिनट 6 सेकंड रहेगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 8 मिनट पर होगा।

तिथि, नक्षत्र, योग और करण

शुक्ल षष्ठी 27 नवंबर सुबह 12:01 बजे तक, फिर शुक्ल सप्तमी। नक्षत्र श्रवण 27 नवंबर सुबह 1:33 बजे तक रहेगा, फिर धनिष्ठा। श्रवण का पहला पाद दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक और दूसरा पाद शाम 7 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।

चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर

विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत और अमांत दोनों में) है। प्रविष्टे/गते 11 है।

राशि और नक्षत्र

चंद्रमा पूरे दिन मकर राशि में रहेगा। सूर्य वृश्चिक राशि में है और श्रवण नक्षत्र में 27 नवंबर सुबह 1 बजकर 33 मिनट तक रहेगा, फिर धनिष्ठा नक्षत्र में चला जाएगा। श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र ज्ञान, संगीत, नेतृत्व और सफलता की ऊर्जा देते हैं।

ऋतु और अयन

ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक दोनों) है। अयन दक्षिणायन है। ठंड अब पूरी तरह से अपने चरम पर है।

26 नवंबर का शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:05 से 5:59 बजे तक (ध्यान-जप के लिए सर्वोत्तम)
  • प्रातः संध्या: सुबह 5:32 से 6:53 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 1:54 से 2:36 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:22 से 5:49 बजे तक
  • सायाह्न संध्या: शाम 5:24 से 6:45 बजे तक
  • अमृत काल: दोपहर 2:27 से शाम 4:10 बजे तक
  • रवि योग: सुबह 6:53 से 27 नवंबर सुबह 1:33 बजे तक (कोई भी शुभ कार्य करें)
  • निशिता मुहूर्त: रात 11:42 बजे से 27 नवंबर सुबह 12:36 बजे तक

26 नवंबर का अशुभ समय

  • राहुकाल: दोपहर 12:08 से 1:27 बजे तक (नए कार्य न करें)
  • यमगण्ड: सुबह 8:11 से 9:30 बजे तक
  • गुलिक काल: सुबह 10:49 से दोपहर 12:08 बजे तक
  • आडल योग: सुबह 6:53 से 27 नवंबर सुबह 1:33 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 11:47 से दोपहर 12:29 बजे तक
  • वर्ज्य: 27 नवंबर सुबह 5:42 से 7:22 बजे तक
  • बाण: मृत्यु – सुबह 11:22 बजे से पूरी रात

आनंदादि और तमिल योग

आनंदादि योग में छत्र 27 नवंबर सुबह 1:33 तक, फिर मित्र और अमृत रहेगा। तमिल योग में सिद्ध 27 नवंबर सुबह 1:33 तक रहेगा। जीवनम में अर्ध जीवन और नेत्रम में एक नेत्र रहेगा।

निवास और शूल

होमाहुति बुध को (27 नवंबर सुबह 1:33 तक), फिर शुक्र को दी जाएगी। शुक्र की होमाहुति बहुत शुभ मानी जाती है – इस दौरान हवन करने से धन-सुख की वृद्धि होती है। दिशा शूल उत्तर दिशा में है – उत्तर की यात्रा टालें। अग्निवास पृथ्वी में, चंद्र वास दक्षिण, राहु वास दक्षिण-पश्चिम, शिववास 27 नवंबर सुबह 12:01 तक नंदी पर फिर कैलाश पर रहेगा। कुंभ चक्र दक्षिण में रहेगा।

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Mohit Tiwari
Mohit Tiwari Author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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