Aaj ka Panchang 24 March 2025 (आज का पंचांग 24 मार्च 2025): सोमवार को हिंदू धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है और ये दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार को महादेव की पूजा करने से सभी प्रकार के मानसिक और भौतिक कष्ट दूर होते हैं। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाने से भगवान शंकर की कृपा प्राप्त होती है। शिव पुराण में कहा गया है कि सोमवार का व्रत करने से मनुष्य के जीवन में शांति, सुख-समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सोमवार का दिन चंद्र ग्रह से जुड़ा हुआ है। चंद्रमा को मन और भावनाओं का प्रतिनिधि माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा अशुभ स्थिति में है, तो उसे मानसिक तनाव, अनिश्चितता और अस्थिरता का सामना करना पड़ता है। इस दिन व्रत, पूजा-पाठ और शिव मंत्रों का जाप करने से चंद्र दोष शांत होता है और मन को स्थिरता मिलती है। ऐसे में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और तिथि से जुड़ी अन्य जानकारियों को जानने के लिए पढ़ें 24 मार्च का पंचांग।
आज का पंचांग 24 मार्च 2025 (Aaj ka Panchang 24 March 2025)
संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह - चैत्र, कृष्ण पक्ष,
तिथि - चैत्र माह कृष्ण पक्ष दशमी
पर्व - सोमवार व्रत
दिवस - सोमवार
सूर्योदय - 06:27 ए.एम सूर्यास्त- 6:32 पी.एम
नक्षत्र - उत्तराषाढ़ा
चन्द्र राशि - धनु, स्वामी ग्रह - बृहस्पति 10:36 ए.एम तक फिर मकर, स्वामी ग्रह-शनि
सूर्य राशि - मीन, स्वामी ग्रह - गुरु
करण - वणिज 05:29 पी.एम तक फिर विष्टि
योग - परिघ 04:43 पी.एम तक फिर शिव
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत - 12:00 पी.एम से 12;52 पी.एम तक
विजय मुहूर्त - 02:24 पी.एम से 03:26 पी.एम तक
गोधुली मुहूर्त - 06:22 पी.एम से 07:23 पी.एम तक
ब्रम्ह मुहूर्त - 4:05 ए.एम से 05:09 ए.एम तक
अमृत काल - 06:03 ए.एम से 07:46 ए.एम तक
निशीथ काल मुहूर्त - रात 11:42 से 12:24 तक रात
संध्या पूजन - 06:28 पी.एम से 07:02 पी.एम तक
दिशा शूल - पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशा शूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें। पक्षियों को दाना-पानी दें।
अशुभ मुहूर्त -
राहुकाल - प्रातःकाल 07:30 बजे से 09:00 बजे तक।
क्या करें - आज चैत्र माह कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। भगवान शिव के निमित्त सोमवार व्रत है। आज श्रद्धा पूर्वक भगवान शिव का व्रत व उनकी उपासना करें। घर पर ही पार्थिव शिवलिंग बनाकर उनकी उपासना करना बहुत फलित होती है। भगवान शिव परम ब्रम्ह हैं। चंद्रमा के बीज मंत्र का जप करें। शिव पुराण का पाठ करें। सात अन्न व फलों का दान करें। भगवान शिव मंदिर परिसर में बेल व पीपल का पेड़ लगाएं। आज दान पुण्य करें। श्री रामचरितमानस का पाठ करें। सत्य मार्ग पर चलें।
क्या न करें - असत्य का साथ मत दें।
