आज का पंचांग (23 January 2026): बसंत पंचमी 2026 आज, पंचांग से जानिए सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन समय समेत सबकुछ
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Jan 23, 2026, 04:33 AM IST
Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 23 January 2026 (शुक्रवार): माघ शुक्ल पंचमी के दिन बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व आज शुक्रवार 23 जनवरी को है। आज सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन समय आदि आप पंचांग के माध्यम से जान सकते हैं। आइए जानते हैं कि आज के दिन पूजा-पाठ आदि शुभ कार्य कितने बजे करें?
23 जनवरी का पंचांग
आज का पंचांग 23 January 2026 (शुक्रवार, बसंत पंचमी): आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। इस कारण आज बसंत पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। आज के दिन ही माता सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। आज 23 के शुभ काल में आप माता का पूजन कर सकते हैं। आज का दिन भी शुक्रवार है। नक्षत्र पूर्व भाद्रपद दोपहर 2 बजकर 33 मिनट तक रहेगा, उसके बाद उत्तर भाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। योग परिघ शाम 3 बजकर 59 मिनट तक रहेगा।
करण बव दोपहर 2 बजकर 10 मिनट तक रहेगा, उसके बाद शिव करण लग जाएगा। आज गुप्त नवरात्र का पांचवां दिन भी है। इस कारण आज 10 महाविद्याओं में 5वां महाविद्या मां छिन्नमस्ता का पूजन करना काफी फलदायी होता है। दक्षिण भारत में आज के दिन को श्रीपंचमी के नाम से जानते हैं, इस कारण मां लक्ष्मी की भी पूजा करना शुभ फल देता है।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 13 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 53 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा सुबह 9 बजकर 52 मिनट पर उदय होगा और शाम 10 बजकर 18 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 39 मिनट 30 सेकंड और रात की 13 घंटे 20 मिनट 09 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल पंचमी 24 जनवरी रात 1 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। नक्षत्र पूर्व भाद्रपद दोपहर 2 बजकर 33 मिनट तक रहेगा, उसके बाद उत्तर भाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। योग परिघ दोपहर 3 बजकर 59 मिनट तक रहेगा, इसके बाद शिव लग जाएगा। करण बव दोपहर 2 बजकर 10 मिनट तक रहेगा, उसके बाद बालव करण लग जाएगा।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास माघ (पूर्णिमांत), माघ (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 10।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु शिशिर, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन उत्तरायण।
23 जनवरी का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:26 से 6:20 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:53 से 7:13 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:12 से 12:54 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:20 से 3:02 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:50 से 6:17 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:53 से 7:13 बजे तक
- रवि योग: दोपहर 2:33 से 24 जनवरी सुबह 7:13 बजे तक
- अमृत काल: 24 जनवरी सुबह 6:31 से 8:07 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 24 जनवरी रात 12:06 बजे से सुबह 1:00 बजे तक
23 जनवरी का अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 11:13 से दोपहर 12:33 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 3:13 से 4:33 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 8:33 से 9:53 बजे तक
- विडाल योग: दोपहर 2:33 से 24 जनवरी सुबह 7:13 बजे तक
- वर्ज्य: 24 जनवरी रात 12:02 से 1:37 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 9:21 से 10:04 बजे तक और दोपहर 12:54 से दोपहर 1:37 बजे तक
- बाण: रोग – सुबह 11:20 तक
- पंचकः पूरे दिन
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में ध्वांक्ष दोपहर 2:33 तक रहेगा। तमिल योग में मरण दोपहर 2:33 तक रहेगा। जीवनम में अर्ध जीवन रहेगा, नेत्रम में एक नेत्र रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति बुध को रहेगी। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है, पश्चिम की यात्रा टालें। अग्निवास पृथ्वी में रहेगा (24 जनवरी रात 1:46 तक)। नक्षत्र शूल दोपहर 2:33 से दक्षिण में रहेगा। चंद्र वास पश्चिम में रहेगा। शिववास कैलाश पर रहेगा (24 जनवरी रात 1:46 तक), उसके बाद उत्तर में रहेगा। राहु वास दक्षिण-पूर्व में रहेगा, कुंभ चक्र पूर्व में रहेगा।
आज पूर्व भाद्रपद नक्षत्र और चंद्रमा कुंभ में होने से रहस्य, विज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति में सफलता मिलेगी। शुक्रवार होने से मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं, श्री सूक्त पढ़ें और सफेद वस्त्र-चावल दान करें। धन-सुख में वृद्धि होगी।