आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) 23 April 2026: 23 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो विशेष रूप से पुण्य कार्यों, दान-पुण्य और भगवान विष्णु की पूजा के लिए शुभ मानी जाती है। इसको गंगा सप्तमी के नाम से जाना जाता है। इस कारण इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। इसके साथ ही आज पुनर्वसु नक्षत्र और सुकर्मा योग का प्रभाव दिन की शुरुआत में रहेगा, जिससे यह दिन कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल बनता है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, शुभ-अशुभ समय और ग्रहों की स्थिति।
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय (Sunrise and Moonrise)
आज सूर्य का उदय सुबह 05:48 बजे और सूर्यास्त शाम 06:51 बजे होगा। चंद्रमा का उदय सुबह 10:58 बजे और चन्द्रास्त अगले दिन 24 अप्रैल को रात 01:15 बजे होगा।
तिथि, नक्षत्र और योग (Tithi, Nakshatra and Yog)
आज शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रात 08:49 बजे तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। नक्षत्र की बात करें तो पुनर्वसु नक्षत्र रात 08:57 बजे तक रहेगा, इसके बाद पुष्य नक्षत्र शुरू होगा। योग में सुकर्मा योग सुबह 06:08 बजे तक रहेगा, इसके बाद धृति योग अगले दिन 03:32 बजे तक रहेगा, फिर शूल योग प्रारंभ होगा।
करण (Karan)
गर करण सुबह 09:45 बजे तक रहेगा। इसके बाद वणिज करण रात 08:49 बजे तक रहेगा, फिर विष्टि करण शुरू होगा।
वार एवं पक्ष (Day and Paksha)
आज गुरुवार है और शुक्ल पक्ष चल रहा है।
चन्द्र मास, सम्वत (Lunar Month and Samvat)
आज विक्रम सम्वत 2083 सिद्धार्थी, शक सम्वत 1948 पराभव और गुजराती सम्वत 2082 पिंगल है। चन्द्र मास वैशाख (पूर्णिमांत और अमांत) है। प्रविष्टे/गते 10 है।
राशि तथा ग्रह स्थिति (Rashi and Planetary Positions)
आज दोपहर 03:13 बजे तक चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे, इसके बाद कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य मेष राशि में स्थित हैं। अन्य ग्रहों की स्थिति सामान्य बनी हुई है।
ऋतु तथा अयन (Season and Ayana)
द्रिक ऋतु के अनुसार ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव बना हुआ है, जबकि वैदिक ऋतु वसंत है। उत्तरायण जारी है। दिनमान 13 घंटे 03 मिनट 38 सेकंड और रात्रिमान 10 घंटे 55 मिनट 24 सेकंड रहेगा। मध्याह्न 12:20 बजे होगा।
23 अप्रैल गंगा सप्तमी के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:20 बजे से 05:04 बजे तक
प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:42 बजे से 05:48 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:54 बजे से 12:46 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:22 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:50 बजे से 07:12 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:51 बजे से 07:57 बजे तक
अमृत काल: शाम 06:41 बजे से 08:11 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात 11:57 बजे से 12:41 बजे (24 अप्रैल)
गुरु पुष्य योग: रात 08:57 बजे से अगले दिन 05:47 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन
अमृत सिद्धि योग: रात 08:57 बजे से अगले दिन 05:47 बजे तक
अशुभ समय (Inauspicious Timings)
राहुकाल: दोपहर 01:58 बजे से 03:36 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 05:48 बजे से 07:26 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 09:04 बजे से 10:42 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 10:09 बजे से 11:01 बजे तक और दोपहर 03:22 बजे से 04:15 बजे तक
वर्ज्य: सुबह 09:35 बजे से 11:06 बजे तक और अगले दिन 04:43 बजे से 06:16 बजे तक
आनन्दादि एवं तमिल योग (Anandadi and Tamil Yog)
आनन्दादि योग में सिद्धि योग रात 08:57 बजे तक रहेगा, जो शुभ माना जाता है। इसके बाद शुभ योग जारी रहेगा। तमिल योग में अमृत योग रात 08:57 बजे तक रहेगा, इसके बाद सिद्ध योग प्रारंभ होगा।
निवास और शूल (Nivas and Shool)
आज दिशा शूल दक्षिण दिशा में रहेगा। चन्द्र वास दोपहर 03:13 बजे तक पश्चिम दिशा में रहेगा, इसके बाद उत्तर दिशा में रहेगा। राहु वास दक्षिण दिशा में रहेगा।अग्निवास रात 08:49 बजे तक आकाश में रहेगा, इसके बाद पाताल में माना जाएगा। शिववास रात 08:49 बजे तक भोजन में रहेगा, इसके बाद श्मशान में माना जाएगा।कुम्भ चक्र दक्षिण दिशा में रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी पंचांग पर आधारित है और सामान्य मान्यताओं के अनुसार दी गई है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
