आज का पंचांग 23 अप्रैल 2025: परम पवित्र वैशाख माह दिन मंगलवार दिवस दशमी 04:44 pm तक तत्पश्चात एकादशी है। उदया तिथि के कारण कल एकादशी मान्य होगी। आज श्री गणेश जी की उपासना करते हैं। तंत्र में भैरो उपासना की जाती है। बटुक भैरव स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं। वैशाख माह का हर दिवस बहुत मंगलमय तथा दान व पुण्य प्राप्ति का सुअवसर देता है। आज बुध के बीज मंत्र का जप करें। आज मूंग का दान करना बहुत फलित होता है। किसी पवित्र नदी में स्नान करें। पार्थिव शिवलिंग पूजन बहुत फ़लदायी होता है। मन का निर्मल व सात्विक होना बहुत ही आवश्यक है। इस माह मंदिरों में भंडारे व अन्न दान की व्यवस्था कराएं। विहंगों को दाना-पानी दें। गाय को पालक खिलाएं। गौ शाला जाएं, वहां गौ माता को रोटी, गुड़, चारा, पालक इत्यादि खिलाने से अखण्ड पुण्य की प्राप्ति होती है। चींटी को शक्कर दें। कुत्ते को भी रोटी दें। भगवान श्री गणेश किसी भी कार्य को निर्विध्न रूप से आरम्भ व सही तरीके से पूर्ण करवाते हैं। गणेश पूजा के बिना कोई कार्य पूर्ण नहीं होता। गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। अब देखिए आज का पूरा पंचांग।
आज का पंचांग 23 अप्रैल 2025
संवत---पिंगला
विक्रम संवत 2082
माह-वैशाख,कृष्ण पक्ष
तिथि - दशमी 04:44pm तक फिर एकादशी
पर्व- दशमी
दिवस -बुधवार
सूर्योदय-05:52am सूर्यास्त-6:53pm
नक्षत- धनिष्ठा 12:09pm तक फिर शतभिषा
चन्द्र राशि - कुम्भ,स्वामी ग्रह-शनि
सूर्य राशि- मेष
करण-- विष्टि 04:46 pm तक फिर बव
योग- शुक्ल 06:53 pm तक फिर ब्रम्ह
आज के शुभ मुहूर्त 23 अप्रैल 2025
अभिजीत-नहीं है।
विजय मुहूर्त-02:21pm से 03:24pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:23pm से 07:22pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:05m से 05:09am तक
अमृत काल-06:02am से 07:43am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:41से 12:21तक रात
संध्या पूजन-06:21pm से 07:09pm तक
दिशा शूल- उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक
