आज का पंचांग (22 January 2026): 22 जनवरी पर भद्रा और पंचक का साया, पंचांग से जानिए आज विनायक चतुर्थी पर किस समय करें शुभ कार्य और पूजा-पाठ
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Jan 22, 2026, 11:01 AM IST
Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 22 January 2026 (गुरुवार): 22 जनवरी दिन गुरुवार को माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि और साल 2026 की पहली विनायक चतुर्थी है। आज गुप्त नवरात्रि का भी चौथा दिन है। आइए जानते हैं कि किस समय पर करें कोई भी शुभ कार्य और किस समय पर न करें?
22 जनवरी का पंचांग
आज का पंचांग 22 January 2026 (गुरुवार): आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इसी के साथ साल 2026 की पहली विनायक चतुर्थी आज है। आज गुरुवार का दिन है। नक्षत्र शतभिषा दोपहर 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, उसके बाद पूर्व भाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। योग वरीयान शाम 5 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।
करण वणिज दोपहर 2 बजकर 40 मिनट तक रहेगा, उसके बाद विष्टि करण लग जाएगा। आज गुप्त नवरात्र का चौथा दिवस है। आज मां के भुवनेश्वरी स्वरूप का पूजन किया जाएगा। मां दुर्गा की उपासना, बटुक भैरव पूजन और शिव पूजा का विशेष महत्व है। श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जप, दुर्गासप्तशती का पाठ और इष्ट मंत्र जप से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। शिवलिंग पर गंगा जल अर्पित करें। श्री रामकथा श्रवण या रामचरितमानस का नियमित पाठ शुरू करें। कलयुग में यह सबसे सरल और प्रभावी उपाय है।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 14 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 52 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा सुबह 9 बजकर 22 मिनट पर उदय होगा और शाम 9 बजकर 19 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 38 मिनट 22 सेकंड और रात की 13 घंटे 21 मिनट 19 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल चतुर्थी 23 जनवरी रात 2 बजकर 28 मिनट तक रहेगी। नक्षत्र शतभिषा दोपहर 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, उसके बाद पूर्व भाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। योग वरीयान शाम 5 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। करण वणिज दोपहर 2 बजकर 40 मिनट तक रहेगा, उसके बाद विष्टि करण लग जाएगा।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास माघ (पूर्णिमांत), माघ (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 9।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु शिशिर, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन उत्तरायण।
22 जनवरी का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:27 से 6:20 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:53 से 7:14 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:12 से 12:54 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:19 से 3:02 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:49 से 6:16 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:52 से 7:12 बजे तक
- अमृत काल: 23 जनवरी सुबह 6:31 से 8:07 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 23 जनवरी रात 12:06 बजे से सुबह 12:59 तक
- रवि योग: सुबह 7:14 से दोपहर 2:27 बजे तक
22 जनवरी का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 1:53 से 3:12 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 7:14 से 8:33 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 9:53 से 11:13 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 10:46 से 11:29 बजे तक
- वर्ज्य: शाम 8:52 से 10:29 बजे तक और दोपहर 3:02 से 3:44 बजे तक
- बाण: रोग – दोपहर 11:45 से पूरी रात तक
- भद्रा: दोपहर 2:40 से 23 जनवरी रात 2:28 बजे तक
- पञ्चक: पूरे दिन
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में वज्र दोपहर 2:27 तक रहेगा। तमिल योग में मरण दोपहर 2:27 तक रहेगा। जीवनम में अर्ध जीवन रहेगा, नेत्रम में नेत्रहीन रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति बुध को रहेगी। दिशा शूल दक्षिण दिशा में है। इस कारण दक्षिण की यात्रा टालें। अग्निवास पाताल में रहेगा (23 जनवरी रात 2:28 तक)। नक्षत्र शूल 23 जनवरी दोपहर 2:27 से दक्षिण में रहेगा। चंद्र वास पश्चिम में रहेगा। शिववास क्रीड़ा में रहेगा (23 जनवरी रात 2:28 तक)। राहु वास दक्षिण में रहेगा, कुंभ चक्र पूर्व में रहेगा।
आज शतभिषा नक्षत्र और चंद्रमा कुंभ में होने से रहस्य, विज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति में सफलता मिलेगी। गुरुवार होने से गुरु ग्रह को पीले वस्त्र-चने की दाल चढ़ाएं, विष्णु सहस्रनाम पढ़ें और पीले फल दान करें। सभी बाधाएं दूर होंगी।