आज का पंचांग, 16 January 2026 (प्रदोष व्रत): माघ महीने का पहला प्रदोष व्रत आज, जानिए किस समय पर करें पूजा-पाठ और शुभ कार्य
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Jan 16, 2026, 05:35 PM IST
Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 16 January 2026 (प्रदोष व्रत): आज माघ माह के कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत है। आज के दिन किस समय पर पूजन और शुभ कार्य करें, इसके बारे में आप आज के पंचांग से जान सकते हैं। आइए आज के पंचांग से जानते हैं कि आज के दिन किस समय पर पूजा पाठ करें?
16 जनवरी का पंचांग
आज का पंचांग 16 January 2026 (शुक्रवार / माघ कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत): आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी शाम 10 बजकर 21 मिनट तक रहेगी, फिर चतुर्दशी लग जाएगी। नक्षत्र मूल पूर्ण रात्रि तक रहेगा। चंद्रमा धनु राशि में है। योग ध्रुव शाम 9 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। करण गर सुबह 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। आज सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग सुबह 7 बजकर 15 मिनट से 17 जनवरी सुबह 5 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। ये बहुत शुभ योग हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 47 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा 17 जनवरी सुबह 6 बजकर 12 मिनट पर उदय होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 32 मिनट 5 सेकंड और रात की 13 घंटे 27 मिनट 45 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण त्रयोदशी शाम 10:21 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी। नक्षत्र मूल पूर्ण रात्रि तक। योग ध्रुव शाम 9:06 तक। करण गर पूरी रात तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास माघ (पूर्णिमांत), पौष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 3।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन उत्तरायण।
16 जनवरी का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:27 से 6:21 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:54 से 7:15 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:10 से 12:52 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:16 से 2:58 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:44 से 6:11 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:47 से 7:08 बजे तक
- अमृत काल: 17 जनवरी रात 1:09 से 2:55 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 17 जनवरी रात 12:04 बजे से सुबह 12:58 तक
16 जनवरी का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 11:12 से 12:31 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 3:09 से 4:28 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 8:34 से 9:53 बजे तक
- विडाल योग: पूरे दिन
- वर्ज्य: दोपहर 2:36 से 4:21 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 9:21 से 10:03 बजे तक और 6:26 (17 जनवरी) से 8:12 बजे तक
- गंड मूल: पूरे दिन
- भद्रा: रात 10:21 से 17 जनवरी सुबह 7:15 बजे तक
- बाण: मृत्यु – शाम 2:20 तक, फिर अग्नि पूरी रात तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में स्थिर। तमिल योग में अमृत। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में नेत्रहीन।
निवास और शूल
होमाहुति केतु को। दिशा शूल पश्चिम दिशा में – पश्चिम की यात्रा टालें। अग्निवास पृथ्वी में। चंद्र वास पूर्व में। भद्रावास रात 10:21 से पाताल में। राहु वास दक्षिण-पूर्व, कुंभ चक्र कण्ठ में। शिववास भोजन में (रात 10:21 तक), फिर श्मशान में।
आज मूल नक्षत्र और चंद्रमा धनु में होने से ज्ञान, साहस और धार्मिक उन्नति में सफलता मिलेगी। शुक्रवार होने से माँ लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं, श्री सूक्त पढ़ें और सफेद वस्त्र-चावल दान करें। धन-सुख में वृद्धि होगी।