आज का पंचांग 11 January 2026 (रविवार): आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पूरी रात तक रहेगी। नक्षत्र चित्रा शाम 6 बजकर 12 मिनट तक रहेगा, फिर स्वाती नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा तुला राशि में है। योग सुकर्मा शाम 5 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। करण गर शाम 10 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। आज रवि योग सुबह 7 बजकर 15 मिनट से शाम 6 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। यह शुभ योग है। आज के दिन का शुभ और अशुभ काल का समय क्या आइए पंचांग से जानते हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 43 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा रात 1 बजकर 38 मिनट (12 जनवरी) पर उदय होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 27 मिनट 40 सेकंड और रात की 13 घंटे 32 मिनट 18 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण अष्टमी पूरी रात तक। नक्षत्र चित्रा शाम 6 बजकर 12 मिनट तक, फिर स्वाती नक्षत्र। योग अतिगण्ड शाम 5 बजकर 27 मिनट तक। करण बव पूरी रात तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास माघ (पूर्णिमांत), पौष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 27।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन दक्षिणायन।
11 जनवरी का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:27 से 6:21 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:54 से 7:15 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:08 से 12:50 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:14 से 2:56 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:40 से 6:08 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:43 से 7:04 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 11:07 से दोपहर 12:53 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 12 जनवरी रात 12:02 बजे से सुबह 12:56 तक
11 जनवरी का अशुभ समय
- राहुकाल: शाम 4:24 से 5:43 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 12:29 से 1:48 बजे तक
- आडल योग: सुबह 7:15 से दोपहर 8:42 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: शाम 4:19 से 5:01 बजे तक और शाम 6:12 से 7:15 बजे तक (12 जनवरी)
- गण्ड मूल: पूरे दिन
- बाण: रोग – शाम 4:33 तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में पद्म शाम 6:12 तक। तमिल योग में सिद्ध शाम 6:12 तक। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में एक नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति राहु को (सुबह 8:42 तक), फिर गुरु को। दिशा शूल पश्चिम दिशा में – पश्चिम की यात्रा टालें। अग्निवास आकाश में। नक्षत्र शूल दोपहर 1:40 तक उत्तर में। भद्रावास शाम 7:39 तक पाताल में। चंद्र वास पश्चिम में। शिववास श्मशान में। राहु वास दक्षिण, कुंभ चक्र गर्भ में।
आज चित्रा नक्षत्र और चंद्रमा तुला में होने से कला, सौंदर्य और संतुलन बढ़ेगा। रविवार होने से सूर्य देव को जल अर्पित करें, आदित्यहृदय स्तोत्र पढ़ें और गेहूं-गुड़ दान करें। सारे कार्य सिद्ध होंगे।
