अध्यात्म

आज का इफ्तार का टाइम क्या है (Aaj ka iftar ka Time kya hai) 26 February 2026: आज का रोजा कितने बजे खुलेगा, कब पढ़ी जाएगी मगरिब की नमाज?

Aaj ka iftar ka Time kya hai, आज का इफ्तार का टाइम क्या है? 26 February 2026: Aaj Roja Iftar Kitne Baje hai, 8th day of Ramazan Month: आज रमजान का आठवां रोजा है और आज रोजा खोलने का समय क्या है, ये आपको यहां से पता चलेगा। साथ ही यहां इफ्तार करने का समय भी बताया गया है।

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आज 26 फरवरी 2026 का इफ्तार का टाइम क्या है (pc: canva)

Aaj ka Roja iftar ka Time kya hai: रमज़ान का महीना बहुत बरकतों वाला माना जाता है। इसे रहमत, मग़फिरत और जहन्नम से निजात का महीना कहा जाता है। माना जाता है कि रोज़ा रखने वाले की दुआ इफ्तार के समय खास तौर पर कबूल होती है। इसलिए जब रोज़ा खोलें, तो अल्लाह का शुक्र अदा करें और अपने लिए, अपने परिवार के लिए और पूरी उम्मत के लिए दुआ करें। यहां आप आज आठवें रोज़े का इफ्तार समय जान सकते हैं। साथ ही इफ्तार की दुआ, रोज़े की नियत और उससे जुड़े जरूरी नियमों की जानकारी भी पा सकते हैं।

आज का इफ्तार कितने बजे है, शहर अनुसार समय (Roza Iftar Timing Today)-

शहर का नामइफ्तार का समय
दिल्ली6:17 PM
नोएडा6:20 PM
लखनऊ6:05 PM
पटना5:49 PM
हैदराबाद6:22- 6:28 PM
मुंबई6:40- 6:44 PM
जयपुर6:27 PM
पुणे6:40 PM
बेंगलुरू6:28- 6:29 PM

इफ्तार करने की दुआ-

अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुमतु,व-बिका आमन्तु,व-अलयका तवक्कालतू,व अला रिज़किका अफतरतू।

अर्थ- हे अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा, तुझ पर ईमान लाया और तुझ पर भरोसा किया और तेरी दी हुई रोजी से रोज़ा खोला।

इफ्तार की दुआ इंग्लिश में-

Allahumma inni laka sumtu wa bika aamantu wa ‘alayka tawakkaltu wa ‘ala rizq-ika-aftartu

Meaning- O Allah! I fasted for You, I believe in You, I trust in You and with Your sustenance I break my fast.

अरबी में रोज़ा खोलने की दुआ-

اللَّهُمَّ إِنِّي لَكَ صُمْتُ وَبِكَ آمَنْتُ وَعَلَيْكَ تَوَكَّلْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ

मगरिब की नमाज क्या है?

मगरिब की नमाज सूर्यास्त के तुरंत बाद पढ़ी जाने वाली चौथी अनिवार्य नमाज है। इसमें कुल 7 रकातें होती हैं- 3 फर्ज (अनिवार्य), 2 सुन्नत-ए-मुअक्कदा, और 2 नफिल। सबसे पहले 3 रकात फर्ज (ऊंची आवाज में तिलावत के साथ) पढ़ी जाती है, जिसके बाद 2 सुन्नत और फिर 2 नफिल अदा की जाती है। यह नमाज रात की शुरुआत का प्रतीक है।

इफ्तार करने का तरीका-

सूरज ढलते ही यानी मग़रिब की अज़ान होते ही इफ्तार करना सुन्नत है और समय पर करना ज़रूरी है। सुन्नत का पालन करते हुए खजूर या सादे पानी से रोज़ा खोलना सबसे बेहतर माना गया है। बिस्मिल्लाह पढ़ें और रोजा खोलते समय यह दुआ पढ़ें- 'अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुम्तु, व बिका आमन्तु, व अलैका तवक्कल्तु, व अला रिज़्किका अफ़्तरतु'। इफ्तार के समय ही रोज़ा खोलने की नियत (इरादा) करनी चाहिए। फिर फल, शरबत जैसा हल्का भोजन ही करना चाहिए। इफ्तार के तुरंत बाद या थोड़ी देर बाद ही मग़रिब की नमाज़ अदा करना चाहिए।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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