Aaj ka Roja iftar ka Time kya hai: आज 24 फरवरी 2026 को रमजान का छठवां रोजा रखा गया है। रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां और सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस महीने में मुसलमान सेहरी के समय रोजा शुरू करते हैं और सूर्यास्त के बाद इफ्तार के साथ रोजा समाप्त करते हैं।
रमजान 2026 की शुरुआत 19 फरवरी से हुई थी। आज 6वां रोजा है और रोजेदार सूर्यास्त के समय इफ्तार करेंगे। आज सूर्यास्त लगभग शाम 6 बजकर 17 मिनट के आसपास है, इसलिए इफ्तार का समय सूर्यास्त के तुरंत बाद माना जाएगा।
रमजान के दौरान कुरआन की तिलावत, नमाज और नेक कामों पर विशेष जोर दिया जाता है। रोजा सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि आत्म-संयम और आध्यात्मिक सुधार का अभ्यास है।
आज का इफ्तार कितने बजे है? शहर अनुसार समय (Roza Iftar Timing Today)
| शहर / City | आज का इफ्तार समय (अनुमानित स्थानीय सूर्यास्त के अनुसार) |
|---|---|
| नई दिल्ली (Delhi) | 6:19 PM |
| हैदराबाद (Hyderabad) | 6:22 PM |
| मुंबई (Mumbai) | 6:43 PM |
| कोलकाता (Kolkata) | 5:39 PM |
| बेंगलुरु (Bengaluru) | 6:28 PM |
| लखनऊ (Lucknow) | 6:05 PM |
| कानपुर (Kanpur) | ~6:03 PM |
| सूरत (Surat) | 6:41 PM |
| पटना (Patna) | 5:48 PM |
| भोपाल (Bhopal) | 6:40 PM |
| जयपुर (Jaipur) | 6:24 PM |
| त्रिवेंद्रम / Thiruvananthapuram | 6:34 PM |
| जम्मू (Jammu) | 6:18 PM |
| श्रीनगर (Srinagar) | 6:24 PM |
| अलीगढ़ (Aligarh) | 6:02 PM |
नोट: इफ्तार का समय स्थानीय सूर्यास्त के अनुसार एक-दो मिनट आगे-पीछे हो सकता है। अंतिम पुष्टि के लिए स्थानीय मस्जिद या आधिकारिक इस्लामिक टाइमटेबल देखें।
इफ्तार कब किया जाता है और इसका महत्व क्या है?
इफ्तार वह समय है जब रोजेदार अपना रोजा खोलता है। रोजा सेहरी के समय शुरू होता है, जो सूर्योदय से पहले ली जाती है। इसके बाद पूरे दिन भोजन और पानी से परहेज किया जाता है। सूर्यास्त होने और मगरिब की अजान के तुरंत बाद रोजा खोला जाता है। रमजान इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है। रोजा रखने का उद्देश्य आत्म-नियंत्रण, धैर्य और अल्लाह की इबादत में मन लगाना है। पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने से इंसान में सहानुभूति और संयम की भावना बढ़ती है।
इफ्तार कैसे किया जाता है? (Iftar Ka Sahi Tarika)
इफ्तार खोलने का तरीका बहुत सरल है। सबसे पहले सूर्यास्त का इंतजार किया जाता है। जैसे ही सूरज डूबता है, रोजा खोला जाता है। रोजा खोलते समय यह दुआ पढ़ी जाती है।
اللهم لك صمت وعلى رزقك أفطرت
अर्थ — हे अल्लाह, मैंने तेरे लिए रोजा रखा और तेरे दिए हुए रिज्क से इफ्तार कर रहा/रही हूं।
हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सुन्नत के अनुसार इफ्तार की शुरुआत खजूर या पानी से की जाती है। इसके बाद मगरिब की नमाज अदा की जाती है और फिर भोजन किया जाता है। इफ्तार के समय भारी भोजन करने के बजाय हल्का और संतुलित खाना बेहतर माना जाता है।
