अध्यात्म

आज का इफ्तार का टाइम क्या है (Aaj ka iftar ka Time kya hai) 19 February 2026: आज पहला रोजा कितने बजे खुलेगा, आज का इफ्तार कितने बजे है

Aaj ka iftar ka Time kya hai, आज का इफ्तार का टाइम क्या है? 19 February 2026: Aaj Roja Iftar Kitne Baje hai, 1st day of Ramazan Month: रमज़ान का महीना चल रहा है और आज पहला रोजा है। शाम में इफ्तार किया जाएगा। यहां से आप दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, मुंबई, पटना, जयपुर, इंदौर, पुणे, बेंगलुरु, नोएडा में आज इफ्तार कितने बजे होगा और रोजा खोलते हुए कौन सी दुआ पढ़नी है।

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आज का इफ्तार कितने बजे है (pc: canva)

Aaj ka Roja iftar ka Time kya hai: रमज़ान को रहमत, मगफिरत और जहन्नम से निजात का महीना कहा जाता है। माना जाता है कि रोज़ेदार की दुआ इफ्तार के वक्त खास तौर पर कबूल होती है। इसलिए रोज़ा खोलते समय अल्लाह का शुक्र अदा करना और अपने लिए, परिवार के लिए और पूरी उम्मत के लिए दुआ करना बेहतर होता है। यहां से आप आज पहले रोजा का इफ्तार करने का समय जान सकते हैं। साथ ही यहां इफ्तार की दुआ, नियत और नियम के बारे में भी बताया गया है।

आज का इफ्तार कितने बजे है, शहर अनुसार समय- (Roza Iftar Timing Today)

शहर का नामइफ्तार
दिल्ली6:13 PM
लखनऊ6 PM
हैदराबाद6:19 PM
मुंबई6:40 PM
पटना 5:44 PM
जयपुर6:21 PM
इंदौर 6: 24 PM
पुणे6:36 PM
बेंगुलरू6:26 PM
नोएडा6:15 PM

इफ्तार करने की दुआ, रोजा खोलने की दुआ हिंदी में (Roza Kholne Ki Dua in Hindi)-

अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुमतु,व-बिका आमन्तु,व-अलयका तवक्कालतू,व अला रिज़किका अफतरतू।

जिसका अर्थ है- 'हे अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा, तुझ पर ईमान लाया और तुझ पर भरोसा किया और तेरी दी हुई रोजी से रोज़ा खोला।'

इफ्तार करने की दुआ, रोजा खोलने की दुआ इंग्लिश में (Roza Kholne Ki Dua in English)-

Allahumma inni laka sumtu wa bika aamantu wa ‘alayka tawakkaltu wa ‘ala rizq-ika-aftartu

Meaning- O Allah! I fasted for You, I believe in You, I trust in You and with Your sustenance I break my fast.

अरबी में रोज़ा खोलने की दुआ (Roza Kholne Ki Dua in Arabic)-

اللَّهُمَّ إِنِّي لَكَ صُمْتُ وَبِكَ آمَنْتُ وَعَلَيْكَ تَوَكَّلْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ

रोज़ा खोलने की नियत (Roza Kholne Ki Niyat)-

इफ्तार के दौरान रोज़ा खोलने की नियत की जाती है, जिसमें रोज़ेदार अल्लाह की रज़ा के लिए खास दुआ पढ़ता है और रोज़ा खोलता है। यह नियत पहले से नहीं की जाती, क्योंकि अगर कोई व्यक्ति इफ्तार से पहले ही रोज़ा खोलने की नियत कर ले, तो उसका रोज़ा अमान्य हो सकता है और पूरे दिन की इबादत व्यर्थ हो जाती है। इसलिए, सही तरीका यह है कि रोज़ा खोलते समय ही नियत की जाए और इफ्तार की दुआ पढ़कर रोज़ा खोला जाए, ताकि अल्लाह की रहमत और बरकत प्राप्त हो सके।

इफ्तार करने का तरीका (Roza Kholne Ka Tarika)-

सूर्य ढलते ही यानी मग़रिब की अज़ान होते ही इफ्तार करना सुन्नत है और समय पर करना ज़रूरी है। सुन्नत का पालन करते हुए खजूर या सादे पानी से रोज़ा खोलना सबसे बेहतर माना गया है। बिस्मिल्लाह पढ़ें और रोजा खोलते समय यह दुआ पढ़ें- 'अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुम्तु, व बिका आमन्तु, व अलैका तवक्कल्तु, व अला रिज़्किका अफ़्तरतु'। इफ्तार के समय ही रोज़ा खोलने की नियत (इरादा) करनी चाहिए। फिर फल, शरबत जैसा हल्का भोजन ही करना चाहिए। इफ्तार के तुरंत बाद या थोड़ी देर बाद ही मग़रिब की नमाज़ अदा करना चाहिए।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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