Aaj chand kab niklega 20 April 2026 (आज चांद निकलने का समय), Moonrise time today (आज चतुर्थी का चांद कब दिखेगा): आज 20 अप्रैल 2026 को वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी संकर्षण चतुर्थी मनाई जा रही है। यह दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। कई लोग इस दिन व्रत रखते हैं और दिनभर पूजा-पाठ करते हैं। हालांकि, संकष्टी चतुर्थी की तरह इसमें चंद्र दर्शन का नियम जरूरी नहीं होता, फिर भी बहुत लोग चांद निकलने का समय जानना चाहते हैं, ताकि शाम की पूजा सही समय पर कर सकें। इसलिए लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आज चांद कब निकलेगा और चतुर्थी का चांद किस समय दिखाई देगा। यहां जानिए संकर्षण चतुर्थी पर चांद निकलने का समय और पारण कब करना चाहिए।
आज 20 अप्रैल चांद कब निकलेगा - Sankarshan Chaturthi Moonrise Time
बता दें कि शुक्ल पक्ष की शुरुआत में चंद्रमा बहुत हल्का होता है और सूर्य के काफी करीब रहता है। इसी वजह से वह शाम ढलते-ढलते ही अस्त हो जाता है और रात तक नजर नहीं आता। सीधी भाषा में समझें तो चांद आज आसमान में होता तो है, लेकिन उसकी रोशनी बहुत कम होती है और वह जल्दी डूब जाता है, इसलिए हमें दिखाई नहीं देता। यह एक प्राकृतिक और खगोलीय प्रक्रिया है। ऐसे में, शुक्ल पक्ष की चतुर्थी में चंद्र दर्शन जरूरी नहीं माना जाता, लेकिन कई लोग परंपरा के अनुसार चंद्रमा को देखना पसंद करते हैं और उसके बाद ही दिन का व्रत पूरा करते हैं।
आज चतुर्थी का चांद कब दिखेगा
आज की चतुर्थी शुक्ल पक्ष की चतुर्थी है, जिसे सामान्य गणेश चतुर्थी, विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) या संकर्षण चतुर्थी (Sankarshan Chaturthi) कहा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और कार्यों में बाधाएं कम होती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस तिथि पर दिनभर पूजा और भगवान का स्मरण करना ही मुख्य होता है।
आज के दिन चंद्रमा का उदय दिन में ही हो जाता है और सूर्यास्त के आसपास या उससे पहले ही वह अस्त हो जाता है। इसलिए रात में चंद्र दर्शन संभव नहीं होता। इस दिन चंद्र दर्शन इस व्रत में जरूरी नहीं है। यही कारण है कि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी में संकष्टी चतुर्थी की तरह चांद देखने का इंतजार नहीं किया जाता। पूजा और व्रत का तरीका यहां थोड़ा अलग होता है।

आज चांद निकलने का समय - आज चतुर्थी का चांद कब दिखेगा
आज चतुर्थी का व्रत कब खोलना है
शुक्ल पक्ष की चतुर्थी में व्रत खोलने का समय संकष्टी चतुर्थी से अलग होता है। इसमें चंद्र दर्शन का इंतजार जरूरी नहीं होता। आमतौर पर शाम की पूजा के बाद या सूर्यास्त के बाद व्रत खोला जा सकता है। इसलिए आज आप शाम करीब 7 बजे के आसपास पूजा करके व्रत खोल सकते हैं। इस दौरान भगवान गणेश की आरती करें और उनसे घर की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
आज 20 अप्रैल सूर्यास्त कितने बजे होगा
आज दिल्ली-एनसीआर में सूर्यास्त लगभग शाम 6 बजकर 51 से 7:15 (अनुमानित) के आसपास होगा। मिनट के आसपास होगा। सूर्यास्त के बाद का समय संध्या काल कहलाता है, जिसे पूजा के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इस वक्त कुछ मिनट शांति से बैठना, दीपक जलाना या भगवान का नाम लेना मन को सुकून देता है और दिनभर की थकान कम करता है।
चतुर्थी व्रत का पारण कैसे करें
चतुर्थी व्रत का पारण बहुत आसान होता है। शाम को पूजा करने के बाद भगवान गणेश की आरती करें, उन्हें भोग लगाएं और फिर फल या हल्का सात्विक भोजन लेकर व्रत खोलें। अगर आज आपको चांद दिखाई नहीं देता, तो इसमें कोई परेशानी की बात नहीं है। सच्चे मन से की गई पूजा ही सबसे ज्यादा मायने रखती है।
इस तरह आज वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर अगर चांद नजर नहीं आए, तो इसे सामान्य मानें और सही समय पर पूजा करके अपना व्रत पूरा करें। यही इस दिन की असली भावना है - श्रद्धा, शांति और भगवान गणेश का स्मरण।
