Aaj Chand kab niklega 19 February 2026 (Moonrise Time Today Phulera Dooj 2026): 19 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है, जिसे फुलेरा दूज (या फूल-दूज) के रूप में विशेष रूप से मनाया जाता है। यह त्योहार खासकर ब्रज क्षेत्र जैसे मथुरा, वृंदावन व आसपास के इलाकों में अपनी मौलिक परंपराओं के साथ मनाया जाता है। फूलों से सजी पूजा, भगवान कृष्ण के साथ राधा-रमण की लीलाओं का स्मरण, और वसंत के आगमन का आनंद - ये सब फुलेरा दूज को आनंद और आध्यात्मिकता से भर देते हैं। धार्मिक दृष्टि से इसे विवाह, नये कार्य या शुभ कार्यों के आरंभ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। बता दें कि हिन्दू धर्म में चंद्रमा का दर्शन शुभ फल देने वाला माना जाता है और दूज पर इसके दर्शन को विशेष महत्ता दी जाती है।
आज 19 फरवरी 2026 को चांद कब दिखेगा
आज 19 फरवरी 2026 को चंद्रोदय आज लगभग शाम 07:50 बजे (IST) के आसपास होगा। हालांकि शहर और आपके स्थानीय मौसम के अनुसार इसमें थोड़ा-बहुत बदलाव हो सकता है। इसका मतलब यह है कि आज सूर्यास्त के लगभग डेढ़ घंटा बाद चांद क्षितिज पर दिखना शुरू करेगा।
आज 19 फरवरी 2026 को चांद देखने का शुभ समय
यदि आप फुलेरा दूज पर चंद्र दर्शन करना चाहते हैं, तो शाम 07:45 बजे से लेकर लगभग 08:15 बजे तक आकाश के पश्चिमी-दक्षिण-पश्चिम दिशा में चंद्र दर्शन कर सकते हैं। इसे शुभ माना जाता है।
आज 19 फरवरी 2026 को चांद निकलने का समय सिटीवाइज
| शहर | मूनसाइट समय (अनुमानित) |
|---|---|
| नई दिल्ली | 6:50 PM |
| नोएडा | 6:50 PM |
| गाजियाबाद | 6:48 PM |
| फरीदाबाद | 6:50 PM |
| गुरुग्राम | 6:50 PM |
| मेरठ | 6:48 PM |
| हापुड़ | 6:47 PM |
| पानीपत | 6:48 PM |
| लखनऊ | 6:40 PM |
| आगरा | 6:47 PM |
| कानपुर | 6:38 PM |
| जयपुर | 6:52 PM |
| पटना | 6:32 PM |
| चंडीगढ़ | 6:52 PM |
| भोपाल | 6:58 PM |
| इंदौर | 6:59 PM |
| मुंबई | 7:20 PM |
| पुणे | 7:19 PM |
| अहमदाबाद | 7:12 PM |
| सूरत | 7:13 PM |
| वडोदरा | 7:12 PM |
| कोलकाता | 6:25 PM |
| चेन्नई | 7:02 PM |
| बेंगलुरु | 7:17 PM |
| हैदराबाद | 7:08 PM |
| रायपुर | 7:01 PM |
| भुवनेश्वर | 6:25 PM |
| गुवाहाटी | 6:10 PM |
| वाराणसी | 6:37 PM |
| प्रयागराज | 6:39 PM |
| कोच्चि (कोची) | 7:16 PM |
| तिरुवनंतपुरम | 7:16 PM |
| गोवा | 7:18 PM |
| उदयपुर | 6:53 PM |
फुलेरा दूज पर चांद क्यों देखा जाता है
हिन्दू धर्म में चंद्रमा को सौम्य, शांत और मनोयोग के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। चंद्र दर्शन से मानसिक संतुलन, सुख, सौभाग्य तथा भावनात्मक शुद्धि का अनुभव होता है। फुलेरा दूज पर चांद देखने से जुड़ी मान्यता है कि ऐसा करने से नए कामों की शुरुआत में सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल प्राप्त होता है। ऐसा कहा जाता है कि जब दिन शांत होता है, सूर्य अस्त होता है और उस क्षण चंद्रमा की उजली छाया स्पष्ट होती है। ऐसे में उसे श्रद्धा से देखना, अर्घ्य देना और मनोकामना का स्मरण करना बहुत फलदायी रहता है।
