aaj chand kab nikalega 22 march 2026 (आज का चांद देखना है या नहीं), आज वासुदेव चतुर्थी का व्रत कब तक है (Vasudev Chaturthi Paran time Today): चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी आज 22 मार्च 2026 का दिन व्रत और पूजा की दृष्टि से बेहद खास है। इस दिन वासुदेव चतुर्थी का व्रत रखा जाता है, जिसमें भगवान गणेश की पूजा की जाती है और चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है। ऐसे में व्रती महिलाओं और श्रद्धालुओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि आज चांद कब निकलेगा और क्या आज चंद्र दर्शन करना चाहिए या नहीं। जानें आज के चतुर्थी व्रत का पारण टाइम।
आज चांद कब दिखेगा 22 मार्च 2026 को
आज 22 मार्च 2026 को चंद्रमा का उदय सुबह 07:52:51 बजे हो चुका है, जबकि चंद्रास्त रात 09:47:48 बजे होगा। हालांकि, चतुर्थी व्रत में परंपरानुसार चंद्र दर्शन रात के समय ही किया जाता है, इसलिए श्रद्धालु शाम के बाद चंद्रमा को देखकर व्रत का पारण करते हैं। यानी आज रात का चांद भारत के अधिकतर शहरों में रात 09:47 बजे के आसपास दिखेगा।
आज वासुदेव चतुर्थी 2026 का व्रत कब तक है
आज की चतुर्थी तिथि पूरे दिन प्रभावी रहेगी और रात्रि तक इसका महत्व बना रहेगा। व्रत रखने वाले लोग दिनभर उपवास रखते हैं और शाम को विधि-विधान से भगवान श्री गणेश की पूजा करते हैं। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाता है। चूंकि आज चांद रात को 09:47 बजे के आसपास दिखेगा, इस वजह से आज आज वासुदेव चतुर्थी 2026 का व्रत करीब 10 बजे तक प्रभावी रहेगा।
आज के चतुर्थी व्रत का पारण टाइम
आज 22 मार्च 2026 को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर वासुदेव चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है। यह व्रत चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है। आज चांद रात को 09:47 बजे के करीब निकलेगा तो इसी समय तक चतुर्थी का व्रत रहेगा। इसके बाद चांद पूजन और गणेश जी की पूजा के बाद वासुदेव चतुर्थी व्रत का पारण किया जाएगा। यानी आज के चतुर्थी व्रत का पारण टाइम रात को 09:47 बजे के करीब रहेगा।
आज 22 मार्च का चतुर्थी का चांद देखना है या नहीं
चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन करना शुभ नहीं माना जाता है। लेकिन चांद की पूजा भी की जाती है। ऐसे में आज सुबह 7:52 बजे चांद निकलने से लेकर आज रात को 09:47 बजे के करीब चांद दिखने तक चंद्रमा के दर्शन वर्जित हैं।
हालांकि चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रती जल या भोजन ग्रहण करते हैं। इस समय के बाद चांद देखकर पूजन किया जा सकता है। इसके बाद भगवान गणेश का ध्यान करते हुए परिवार की सुख-शांति की कामना की जाती है।
आज के चतुर्थी व्रत का पारण कैसे करें
चतुर्थी व्रत का पारण हमेशा चंद्रमा के दर्शन के बाद किया जाता है, इसलिए शाम को चांद निकलने पर सबसे पहले उन्हें अर्घ्य देना जरूरी होता है। अर्घ्य के लिए जल में दूध, अक्षत और फूल मिलाकर चंद्रदेव को अर्पित किया जाता है। इसके बाद भगवान श्रीगणेश या वासुदेव स्वरूप श्रीकृष्ण की विधिपूर्वक पूजा कर उन्हें मोदक, फल या माखन-मिश्री का भोग लगाया जाता है। पूजा और आरती के बाद सबसे पहले भगवान का प्रसाद ग्रहण करना चाहिए। फिर सात्विक भोजन से व्रत खोला जाता है। ध्यान रखें कि पारण चंद्रोदय के बाद ही करें और बहुत देर रात तक न टालें। इस पूरी प्रक्रिया को श्रद्धा और शांति के साथ करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
