अध्यात्म

5 May 2025 Panchang: सीता नवमी की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, जानिए आज का पूरा पंचांग राहुकाल और दिशा शूल समेत

5 May 2025 Panchang: आज वैशाख शुक्ल पक्ष सोमवार नवमी है। शिव उपासना करें। भगवान भोलेनाथ जी की उपासना बहुत पुण्यदायी होता है। आज शंकर तथा माता दुर्गा जी की उपासना पुण्य प्राप्ति का सुअवसर देता है। आज सीता नवमी और बगलामुखी जयंती भी मनाई जा रही है।

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5 May 2025 Panchang

5 May 2025 Panchang: आज सीता नवमी (Sita Navami 2025) और मां बगलामुखी जयंती (Baglamukhi Jayanti 2025) है। इसके अलावा दुर्गाअष्टमी भी है। आज दुर्गासप्तशती का पाठ करें। वैशाख महीना चल रहा है और इस माह जल, फल व धार्मिक पुस्तकों का दान करना बहुत फलित होता है। ऐसे में इन चीजों का दान जरूर करें। इस पवित्र माह में किसी पवित्र नदी में स्नान करें। पार्थिव शिवलिंग का पूजन बहुत फ़लदायी होता है। मन का निर्मल व सात्विक होना बहुत ही आवश्यक है। विहंगों को दाना -पानी दें। गाय को गुड़ रोटी खिलाएं। गौ शाला जाएं, वहां गौ माता को रोटी, गुड़, चारा, पालक इत्यादि खिलाने से अखण्ड पुण्य की प्राप्ति होती है। सोमवार व्रत नियम पूर्वक रहकर प्रदोष काल में शिव मंदिर जाएं व वहां दीपक जलाएं। मन को निर्मल रखें। जानिए आज का पूरा पंचांग।

5 मई 2025 पंचांग

संवत--- विक्रम संवत 2082

माह-वैशाख,शुक्ल पक्ष

तिथि - अष्टमी 07:37 am तक फिर नवमी

पर्व-अष्टमी सोमवार व्रत

दिवस -सोमवार

सूर्योदय-05:38am

सूर्यास्त-6:58pm

नक्षत्र- आश्लेषा 02:02 pm तक फिर मघा

चन्द्र राशि - कर्क,स्वामी ग्रह-चन्द्रमा 02:02 pm तक फिर सिंह,स्वामी ग्रह -सूर्य

सूर्य राशि- मेष

करण-- बव 07:28 am फिर बालव

योग-वृद्धि

सीता नवमी पूजा मुहूर्त 2025 (Sita Navami Puja Muhurat 2025)

सीता नवमी मध्याह्न मुहूर्त - 10:58 से 13:38

सीता नवमी मध्याह्न का क्षण - 12:18

बगलामुखी जयंती मुहूर्त 2025 (Baglamukhi Jayanti Muhurat 2025)

बगलामुखी जयन्ती पूजा का मुहूर्त सुबह 07:35 बजे तक रहेगा। इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी।

5 मई 2025 शुभ मुहूर्त

अभिजीत-11:58 am से 12:49 pm तक

विजय मुहूर्त-02:21pm से 03:24pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:23pm से 07:22pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:05m से 05:09am तक

अमृत काल-06:02am से 07:43am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:41से 12:21तक रात

संध्या पूजन-06:21pm से 07:09pm तक

दिशा शूल- पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-प्रातःकाल 07:30 बजे से 09 बजे तक

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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