अध्यात्म

29 May 2025 Panchang: ज्येष्ठ शु्क्ल तृतीया पर बना सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग का शुभ संयोग, इस मुहूर्त में पूजा से मिलेगा विशेष लाभ

29 May 2025 Panchang: गुरुवार को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी। इस दिन रात 10 बजकर 38 मिनट पर सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है जो अगले दिन सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। जानिए इस दिन के सभी शुभ मुहूर्त और राहुकाल।

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29 May 2025 Panchang

29 May 2025 Panchang: ज्येष्ठ माह की तृतीया पर भगवान विष्णु की पूजा बहुत ही पुण्यदायी रहेगी। आज पीपल की पूजा करें। किसी मंदिर परिसर में वृक्षारोपण करें। श्री विष्णु उपासना करके विधिवत नियम पूर्वक दान पुण्य करने से पूर्व जन्म के पापों का शमन होता है। आज विष्णु जी को तुलसी दल अर्पित करें। ज्येष्ठ माह में जल भरा घड़ा व फलों का दान करना बहुत फलित होता है। मन का निर्मल व सात्विक होना बहुत ही आवश्यक है। घर की छत पर विहंगों को दाना -पानी दें। गौ शाला जाएं, वहां गौ माता को रोटी, गुड़, चारा, पालक इत्यादि खिलाने से अखण्ड पुण्य की प्राप्ति होती है।श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। विष्णु जी की उपासना से सभी कष्ट समाप्त होता है। पढ़ें आज का पूरा पंचांग।

पंचांग 29 मई 2025

संवत--- विक्रम संवत 2082

माह-ज्येष्ठ,शुक्ल पक्ष

तिथि - तृतीया

पर्व- तृतीया

दिवस -गुरुवार

सूर्योदय- 05:09 am

सूर्यास्त-7:08pm

नक्षत्र- मृगशिरा

चन्द्र राशि -मिथुन,स्वामी ग्रह -बुध

सूर्य राशि- वृष

करण-- तैतिल 12:12 pm तक फिर गरज

योग- शूल 08:48 pm तक फिर गण्ड

29 मई 2025 शुभ मुहूर्त

अभिजीत-11:51am से 12:46 pm तक

विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:25pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:26pm से 07:23pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:08m से 05:09am तक

अमृत काल-06:02am से 07:42am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:22तक रात

संध्या पूजन-06:22pm से 07:07pm तक

दिशा शूल- साउथ दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक

क्या करें- आज गुरु के बीज मंत्र का जप करें। एकदम नियम पूर्वक पूजा पाठ करें। आज मीठा व जल का दान -पुण्य अनन्त गुना फ़लदायी होता है।आज व्रत भी रख सकते हैं। बालक, वृद्ध व रोगी व्रत से बचें व केवल पूजा पाठ करें। माता -पिता का आशीर्वाद लें। श्री अरण्यकाण्ड का पाठ करना बेहतर है। गौ माता को रोटी व गुड़ खिलाएं। मन की निर्मलता व हृदय में भक्ति भाव रखते हुए भगवान कृष्ण नाम का संकीर्तन करें। श्री रामचरितमानस के श्री अरण्यकाण्ड का पाठ करने से भगवान विष्णु जी की अविरल भक्ति प्राप्त होती है। आपके व्यक्तित्व में आकर्षण, माधुर्यता व सरलता का समावेश हो।

क्या न करें- माता,पिता व गुरु का अपमान मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराज author

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़... और देखें

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