अध्यात्म

27 October 2024 Panchang: पंचांग से जानिए रमा एकादशी के दिन क्या होगा पूजा का शुभ मुहूर्त, कब से कब तक रहेगा राहुकाल

27 October 2024 Panchang: आज के दिन रमा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 06:25 पर होगी और सूर्यास्त शाम के समय में 5 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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27 October 2024 Panchang

27 October 2024 Panchang (27 अक्तूबर 2024 पंचांग): कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन रमा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। आज के दिन 12:25pm तक मघा नक्षत्र रहने वाला है। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:54 am से 12:35 pm तक रहेगा। इस मुहूर्त में रमा एकादशी की पूजा करना शुभ होगा। राहुकाल का समय सायंकाल 04:30 बजे से 06 तक रहेगा। राहुकाल में शुभ काम नहीं करना चाहिए। अब जानिए पूरा पंचांग।

27 October 2024 Panchang (27 अक्तूबर 2024 पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-कार्तिक ,कृष्ण पक्ष

तिथि- एकादशी ,व्रत-एकादशी व्रत,

दिन- रविवार

सूर्योदय-06:25am

सूर्यास्त-05:58 pm

नक्षत्र-मघा 12:25pm तक फिर पूर्वाफाल्गुनी

चन्द्र राशि -सिंह,स्वामी ग्रह -सूर्य

सूर्य राशि- तुला,स्वामी ग्रह-शुक्र

करण- बव 06:21pm तक फिर बालव

योग:ब्रम्ह

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:54 am से 12:35 pm तक।

2विजय मुहूर्त-02:21pm से 03:24 pm तक

3गोधुली मुहूर्त-06:20pm से 07:23pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:05m से 05:07am तक

5अमृत काल-06:05am से 07;41am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:21तक रात

संध्या पूजन-06:24 pm से 07:03pm तक

दिशा शूल -पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-सायंकाल 04:30 बजे से 06 तक

क्या करें-आज कार्तिक माह की पुण्यदायिनी एकादशी है। पवित्र एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी के पूजा हेतु सुंदर व्रत करें। श्री कृष्ण उपासना भी की जाती है। जीवन को प्रसन्नमय करने के लिए श्री कृष्ण उपासना करें। कृष्ण पूर्ण ब्रम्ह हैं। वह पालनहार हैं ।उनके आशीर्वाद के लिए लोग व्रत रहेंगे। फलाहार व्रत व विष्णु पूजा की जाती है। कार्तिक एकादशी व्रत करने से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं तथा उम्र लंबी होती है। मनोवांछित सफलता की प्राप्ति व आर्थिक उन्नति के लिए श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें ।श्री सूक्त का 16 बार पाठ करें। आज अन्न का दान करें। भगवान के नाम का संकीर्तन करें।

क्या न करें-आज चावल ग्रहण मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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