अध्यात्म

25 August 2024 Panchang: भाद्रपद की कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन क्या होगा पूजा का शुभ मुहूर्त, यहां जानें पूरा पंचांग

25 August 2024 Panchang: भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 47 मिनट पर होगा। वहीं सूर्यास्त का समय शाम के 6 बजकर 51 मिनट पर होगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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25 August 2024 Panchang

25 August 2024 Panchang (आज का पंचांग 25 अगस्त 2024): भादव महीने की कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन दोपहर के 4:46 मिनट तक भरणी नक्षत्र रहने वाला है। उसके बाद कृतिका नक्षत्र की शुरुआत हो जाएगी। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:52 से लेकर 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करना चाहिए। इस दिन राहुकाल का समय सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक रहेगा। आज के पूर्व दिशा दिशा शूल रहेगा। आइए जानें अब आज का पूरा पंचांग।

25 August 2024 Panchang (आज का पंचांग 25 अगस्त 2024)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-भाद्रपद ,कृष्ण पक्ष

तिथि-सप्तमी

व्रत व पर्व- सूर्य पूजा। रविवार व्रत

दिवस-रविवार

सूर्योदय-05:47am

सूर्यास्त-06:51pm

नक्षत्र- भरणी 04:46 pm तक फिर कृतिका

चन्द्र राशि- मेष स्वामीग्रह-मङ्गल

सूर्य राशि-सिंह ,स्वामी -सूर्य

करण-विष्टि 04;30pm तक फिर बव

योग:- ध्रुव

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:52am से 12:40 pm

2विजय मुहूर्त-02:21pm से 03:26 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:28pm से 07:24 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:09m से 05:07am तक

5अमृत काल-06:03am से 07;53am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:52 से 12:43तक रात

संध्या पूजन-06:21 pm से 07:21pm तक

दिशा शूल -पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल- सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक

क्या करें- आज भाद्रपद माह का सप्तमी भगवान विष्णु जी के निमित्त व्रत है। सूर्य उपासना का पवित्र दिवस है। रविवार का उपवास करें। दैहिक,दैविक व भौतिक उन्नति प्राप्ति का सूर्य व्रत है। सूर्य ग्रह जनित कष्ट का उपाय भी करें। गुड़ दान करें। सत्य पर ध्यान दें। शिव उपासना करें। भोलेनाथ जी को प्रसन्न करना सहज भक्ति भाव से ही आसान हो जाएगा आज बहुत पवित्र तिथि है। श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का 03 पाठ करें। लड्डू गोपाल जी की उपासना करें। दुर्गासप्तशती का पाठ भी करें।अन्न व फलों का दान करे। शिव मंदिर परिसर में बेल आम,नीम व पीपल का पेड़ लगाएं। तिल दान से सभी कष्ट समाप्त होते हैं। सूर्योपासना से धन,सम्पदा व ऐश्वर्य का सुआगमन होता है। उनकी पूजा से अनन्य भक्ति प्राप्त होगी। दान का बहुत महत्व है। सप्त अन्नं का दान करें। गाय को गुड़ व केला खिलाएं।

क्या न करें-पिता का सम्मान करें। पिता की किसी बात की अवज्ञा मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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