अध्यात्म

23 May 2024, Aaj Ka Panchang: वैशाख पूर्णिमा के दिन क्या होगा पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय, यहां जानें पूरा पंचांग

23 May 2024, Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग): वैशाख पूर्णिमा के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 47 मिनट पर होगा। वहीं आज के दिन राहुकाल दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक रहने वाला है। यहां पढ़ें पूर्णिमा के दिन का पूरा पंचांग।

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Aaj Ka Panchang 2024

23 May 2024, Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग): वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर विशाखा नक्षत्र सुबह 09:15 तक रहने वाला है। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:56 से लेकर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। आज के दिन संध्या पूजन का समय 6 बजकर 50 मिनट से लेकर 7 बजकर 50 मिनट तक रहने वाला है। वैशाख पूर्णिमा के दिन दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचें। यहां पढ़ें पूरा पंचांग।

23 May 2024, Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-वैशाख ,शुक्ल पक्ष

तिथि- पूर्णिमा

दिन-गुरुवार

व्रत- वैशाख पूर्णिमा व्रत

सूर्योदय-05:47am

सूर्यास्त-06:58 pm

नक्षत्र- विशाखा 09:15am तक फिर अनुराधा

चन्द्र राशि- वृश्चिक,स्वामी-मङ्गल

सूर्य राशि- वृष ,स्वामी -शुक्र

करण- विष्टि07:20am तक फिर बव

योग- परिघ

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:56am से 12:45 pm

2विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:23 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:44 pm से 07:05 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:11am से 05:05am तक

5अमृत काल-06:04am से 07;56 am तक

6निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:52 से 12:44 तक रात्रि

संध्या पूजन-06:51pm से 07;50pm तक

दिशा शूल -साउथ दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल -दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक

क्या करें-श्री कृष्ण जी की उपासना करें। मन्दिर में भगवान विष्णु जी को तुलसी दल अर्पित करें। गुरु के द्रव्य चने की दाल के दान का बहुत महत्व है। श्री कृष्ण जी के निमित्त व्रत रहें। उपवास फलाहार होगा।चन्द्रमा के बीज मंत्र का जप करें। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय महामंत्र का निरन्तर मानसिक जप करते रहें।धार्मिक सतसंग करें। किसी भी मंदिर परिसर में बेल ,आम व पीपल का पेड़ लगाएं। आज माता दुर्गा जी की उपासना का भी विशेष महत्व है। सप्तश्लोकी दुर्गा का 09 पाठ भी करें। सप्त अन्न का दान करें।

क्या न करें-गुरु ज्ञान का कारक ग्रह है।बड़ों व गुरु का अपमान मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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