2 February 2025 Panchang: कुम्भ महोत्सव के परम पवित्र माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि दिवस रविवार है। आज सूर्य भगवान जी का पावन व्रत है। महाकुम्भ स्नान चल रहा है। आज संगम में या किसी पवित्र नदी में स्नान का आध्यात्मिक लाभ लें। भगवान शिव व माता पार्वती जी की उपासना करें। कम्बल का दान करें। यह माह विष्णु जी व लक्ष्मी जी को समर्पित बहुत ही पुण्यदायी होता है। सूर्य उपासना का दिवस है। श्री अदित्यह्र्दयस्तोत्र का 03 पाठ करें। धार्मिक पुस्तकों, तिल व कंबल का दान करें। माता गंगा की उपासना करें। आज भगवान सूर्य पूजा से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। कृष्ण नाम का मानसिक जप करें। आज गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान व दान पुण्य करें। तिल के लड्डू व काले ऊनी वस्त्रों का दान बहुत ही पुण्यदायी होता है, इससे कष्ट समाप्त व धन आगमन तथा शुभता का आगमन होता है, पुण्य की प्राप्ति होती है। इस समय नित्य गंगा स्नान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं तथा सभी पाप नष्ट होते हैं व आपका आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त होता है। नदी के तट पर ही पार्थिव का शिवलिंग बनाकर रूद्राभिषेक करें। मधु, तिल, बेल पत्र व गंगा जल शिवलिंग को अर्पित करें। आध्यात्मिक सतसंग का आनन्द लें। घर के मन्दिर में अखण्ड दीप जलाएं व भगवान के नाम का संकीर्तन करें। गायत्री मंत्र का जप करें।
बसंत पंचमी 2025 शुभ मुहूर्त (Basant Panchami 2025 Shubh Muhurat)
बसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त सुबह 07:09 से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा। बसंत पंचमी तिथि का प्रारंभ 2 फरवरी की सुबह 09:14 से होगा और इसकी समाप्ति 3 फरवरी को सुबह 06:52 पर होगी।
2 फरवरी 2025 पंचांग (2 February 2025 Panchang)
संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-माघ, शुक्ल पक्ष,चतुर्थी 09;25 am तक फिर पंचमी
तिथि- चतुर्थी
दिवस -रविवार
सूर्योदय-07:27am
सूर्यास्त-05:27pm
नक्षत्र- उत्तराभाद्रपद
चन्द्र राशि - मीन,स्वामी ग्रह-गुरु
सूर्य राशि- मकर,स्वामी ग्रह-शनि
करण- विष्टि 09;15 am तक फिर बव
योग- शिव 09 ;15 am तक फिर सिद्ध
2 फरवरी 2025 शुभ मुहूर्त (2 February 2025 Shubh Muhurat)
अभिजीत-12:12 pm से 12;57 pm तक
विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:28pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:21pm से 07:25pm
ब्रम्ह मुहूर्त-4:08m से 05:07am तक
अमृत काल-06:01am से 07:45am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:42से 12:22तक रात
संध्या पूजन-06:21 pm से 07:04pm तक
दिशा शूल-पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-सायंकाल 04:30 बजे 06 बजे तक
