अध्यात्म

19 October 2024 Panchang: पंचांग से जानिए कार्तिक माह द्वितिया तिथि के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त, कब तक रहेगा राहुकाल

19 October 2024 Panchang (19 अक्तूबर 2024 आज का पंचांग): आज के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 19 मिनट पर होगा। इस दिन भरणी नक्षत्र 10 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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19 October 2024 Panchang

19 October 2024 Panchang (19 अक्तूबर 2024 आज का पंचांग): कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की द्वितिया तिथि के दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 19 मिनट पर होगा। इस दिन अभिजीत मुहूर्त 11;55 से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक रहने वाला है। इस मुहूर्त में पूजा करना शुभ होगा। आज के दिन राहुकाल का समय प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक रहेगा। राहुकाल के समय में कोई भी शुभ काम ना करें। संध्या पूजन का समय 06:24 pm से 07:08pm तक रहेगा। अब जानिए आज का पूरा पंचांग।

19 October 2024 Panchang (19 अक्तूबर 2024 आज का पंचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-कार्तिक ,कृष्ण पक्ष

तिथि-द्वितीया,व्रत-शनि व्रत

दिन- शनिवार

सूर्योदय-06:19am

सूर्यास्त-06:01pm

नक्षत्र-भरणी 10:45am तक तत्पश्चात कृतिका

चन्द्र राशि -मेष ,स्वामी ग्रह-,मङ्गल 04:09 pm तक फिर वृष,स्वामी-शुक्र

सूर्य राशि- तुला,स्वामी ग्रह-शुक्र

करण-गरज 09:49am तक फिर वणिज

योग: सिद्धि 04:51pm तक फिर व्यत्तिपात

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11;55 am से 12:30 pm तक

2विजय मुहूर्त-02:20pm से 03:23pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:25pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:08m से 05:05am तक

5अमृत काल-06:08am से 07;40am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:41से 12:20 तक रात

संध्या पूजन-06:24 pm से 07:08pm तक

दिशा शूल -पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक

क्या करें-आज शनिवार का पावन व्रत रहें। सुंदरकांड का पाठ करें। भगवान विष्णु व हनुमान जी के आशीर्वाद के लिए व्रत रहेंगे। फलाहार व्रत व भगवान कृष्ण जी की उपासना की जाती है। तिल का दान करें। शनिवार व्रत से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं। मनोवांछित फल की प्राप्ति हेतु संकल्प करके यह महान व्रत करें। भक्ति जन्म जन्मांतर काम आती है। मन्दिर में शिवलिंग पर गंगा जल,मधु,शक्कर व तिल अर्पित करें। जो लोग व्याधि से ग्रसित हैँ वे छाया दान करें। कुशोदक से रुद्राभिषेक करवाएं।शनि के बीज मंत्र का जप करें।श्री कृष्ण उपासना से शनि देव प्रसन्न होते हैं।

क्या न करें-किसी से कटु वचन मत बोलें।असत्य व अन्याय से दूर रहें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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