अध्यात्म

16 November 2024 Panchang: आज से शुरू होगा मार्गशीर्ष महीना और मनाई जाएगी वृश्चिक संक्रांति, जान लें शुभ-अशुभ मुहूर्त

16 November 2024 Panchang: पंचांग अनुसार आज सूर्य देव वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए इस दिन वृश्चिक संक्रांति मनाई जाएगी। चलिए आपको बताते हैं 16 नवंबर का पूरा पंचांग।

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16 November 2024 Panchang

16 November 2024 Panchang: आज मार्गशीर्ष माह की प्रतिपदा है। भगवान कृष्ण ने गीता में इस माह को सर्वश्रेष्ठ कहा है। आज व्रत करने व अन्न दान करने से भगवान विष्णु जी की कृपा प्राप्त होती है। भगवान कृष्ण जी की पूजा करें। गीता पाठ करें। विष्णु के राम व कृष्ण रूप दोनों रूप की पूजा बहुत ही श्रद्धा से होती है। जीवन को प्रसन्नमय व उन्नतिशील करने के लिए ॐ नमो भगवते वासुदेवाय महामंत्र का जप करें। श्री सूक्त का पाठ धन,धान्य ,आरोग्यता व समृद्धि के लिए कर सकते हैं। कल शुक्रवार है तो माता लक्ष्मी की उपासना का महान समय है। इस दिन ऋग्वैदिक श्री सूक्तम के 16 मंत्र अनुष्ठान से धन की प्राप्ति होती है। इसके अलावा श्री कनकधारा स्तोत्र का पाठ अवश्य करें। मार्गशीर्ष माह में किसी पवित्र नदी में स्नान कर दान पुण्य करें। कम्बल दान करें। चलिए अब जानते हैं 16 नवंबर का पूरा पंचांग।

वृश्चिक संक्रांति 2024 शुभ मुहूर्त (Vrishchika Sankranti 2024 Shubh Muhurat)

वृश्चिक संक्रान्ति पुण्य काल - 08:02 ए एम से 12:35 पी एम

अवधि - 04 घण्टे 33 मिनट्स

वृश्चिक संक्रान्ति महा पुण्य काल - 08:02 ए एम से 09:33 ए एम

अवधि - 01 घण्टा 31 मिनट्स

16 नवंबर 2024 पंचांग (16 November 2024 Panchang)

संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-मार्गशीर्ष ,कृष्ण पक्ष,

पर्व -प्रतिपदा व्रत

तिथि- प्रतिपदा

सूर्योदय-06:39am

सूर्यास्त-05:30 pm

नक्षत्र-- कृतिका 07:28 pm तक फिर रोहिणी

चन्द्र राशि -- वृष स्वामी ग्रह -शुक्र

सूर्य राशि- तुला,स्वामी ग्रह-शुक्र 07-41am तक फिर वृश्चिक,स्वामी=मङ्गल

करण- बालव01 बजकर 21 मिनट शाम तक फिर कौलव

योग:परिघ 11 बजकर 48 मिनट सायंकाल तक फिर शिव

16 नवंबर 2024 शुभ मुहूर्त (16 November 2024 Shubh Muhurat)

अभिजीत-11:54 am से 12:34 pm तक

विजय मुहूर्त-02:24pm से 03:24pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:23pm से 07:21pm

ब्रम्ह मुहूर्त-4:09m से 05:07am तक

अमृत काल-06:06am से 07:41am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:22तक रात

संध्या पूजन-06:22 pm से 07:07pm तक

दिशा शूल--पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल--प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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