अध्यात्म

15 May 2024 Panchang In Hindi: आज मनाई जाएगी मां बगलामुखी जयंती, नोट करें लें दिन भर के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त

15 May 2024 Panchang In Hindi: आज वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। इस दिन बगलामुखी जयंती मनाई जाती है। जानिए 15 मई के शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, अभिजित मुहूर्त, प्रदोष काल समय समेत पूरा पंचांग।

Image

15 May 2024 Panchang In Hindi

15 May 2024 Panchang In Hindi: आज बगलामुखी जयंती का पावन पर्व मनाया जायेगा। मान्यता है इस दिन मां बगलामुखी की पूजा करने से शत्रुओं से छुटकारा मिल जाता है। इसके अलावा इस दिन मासिक दुर्गाष्टमी भी रहेगी। पंचांग अनुसार इस दिन राहुकाल दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से दोपहर 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। सूर्य देव वृषभ राशि में तो चंद्र देव कर्क राशि में रहेंगे। इस दिन अभिजित मुहूर्त नहीं है। जानिए 15 मई का पूरा पंचांग।

15 मई 2024 पंचांग (15 May 2024 Panchang)

संवत- पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-वैशाख ,शुक्ल पक्ष

तिथि-अष्टमी

दिन-बुधवार

व्रत- माता बंगलामुखी प्रगटीकरण व्रत।

सूर्योदय-05:48am

सूर्यास्त-06:55 pm

नक्षत्र- आश्लेषा 03:35pm तक फिर मघा

चन्द्र राशि- कर्क

स्वामी-चन्द्रमा, 03:25 pm तक फिर सिंह

स्वामी-सूर्य

सूर्य राशि- वृष

करण- विष्टि 05:18pm तक फिर बव

योग- वृद्धि 07:40am तक फिर ध्रुव

शुभ मुहूर्त

अभिजीत- 11:53am से 12:47 pm

विजय मुहूर्त- 02:24pm से 03:27 pm तक

गोधुली मुहूर्त- 06:44 pm से 07:07pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:10am से 05:03am तक

अमृत काल-06:02am से 07;56 am तक

निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:54 से 12:44 तक

संध्या पूजन-06:52pm से 07;50pm तक

दिशा शूल -उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त- राहुकाल -आज राहुकाल नहीं है।

क्या करें-आज माता बंगलामुखी जी की उपासना करें। आज माता बंगलामुखी प्रगट उत्सव गया। मां की उपासना करें। अन्न व वस्त्र दान का बहुत महत्व है। शक्ति का व्रत रहें। उपवास फलाहार होगा। बंगलामुखी मंत्र का जप करें। ॐ नमः शिवाय महामंत्र का निरन्तर मानसिक जप करते रहें।धार्मिक सतसंग करें। किसी भी शिव मंदिर परिसर में बेल व पीपल का पेड़ लगाएं। शिव पूजा का विशेष महत्व है। रात्रि में कुछ भक्त काली जी की पूजा व तांत्रिक अनुष्ठान भी करते हैं। गो माता को गुड़ खिलाएं।दुर्गासप्तशती का पाठ करें।

क्या न करें- असत्य व क्रोध से बचें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article