13 August 2024 Panchang: पंचांग अनुसार आज सावन महीने का चौथा मंगला गौरी व्रत है। इस व्रत में मां गौरी की पूजा होती है। इसके अलावा इस दिन मासिक दुर्गाष्टमी भी रहेगी। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। वहीं गोधुली मुहूर्त शाम 06:25 से शाम 07:26 तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 03 बजे से शाम 04:30 बजे तक रहेगा। जानिए 13 अगस्त का पूरा पंचांग।
13 अगस्त 2024का पंचांग (13 August 2024 Panchang)
संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-श्रावण ,शुक्ल पक्ष
तिथि-- अष्टमी 09:31 am तक फिर नवमी
व्रत व पर्व- श्रावण नवमी व्रत
दिवस-मंगलवार
सूर्योदय-05:44am
सूर्यास्त-07:08pm
नक्षत्र- विशाखा 10:45am तक फिर अनुराधा
चन्द्र राशि- वृश्चिक,स्वामीग्रह-मङ्गल
सूर्य राशि- कर्क ,स्वामी -चन्द्रमा
करण- बव 09:33am तक फिर बालव
योग: ब्रम्ह04:35pm तक फिर इंद्र
13 अगस्त 2024 शुभ मुहूर्त
अभिजीत-11:55am से 12:47 pm
विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:25 pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:25pm से 07:26 pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:08m से 05:09am तक
अमृत काल-06:09am से 07;55am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:52से 12:43तक रात
संध्या पूजन-06:23 pm से 07:21pm तक
दिशा शूल - उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-- दोपहर 03 बजे से 04:30 बजे तक
क्या करें-क्या ना करें- आज श्रावण माह का मंगलवार दिवस है। हनुमान जी की उपासना करें। आज मांगलिक दोष का उपाय करें। श्रावण माह का व्रत करें। आचरण पर ध्यान दें। रामकथा श्रवण करें। आज गंगा जल से शिव लिंग का रुद्राभिषेक करें। घर मे नर्मदेश्वर या पारद शिवलिंग रखें व उनकी उपासना करें। श्रावण माह में भगवान शिव व माता दुर्गा जी को प्रसन्न करना सहज भक्ति भाव से ही आसान हो जाएगा। आज बहुत पवित्र तिथि है। सप्तश्लोकी दुर्गा का 09 बार पाठ करें। शिवलिंग की उपासना करें। दुर्गासप्तशती का पाठ भी करें। अन्न व फलों का दान करे। शिव मंदिर परिसर में बेल व पीपल का पेड़ लगाएं। आज मीठे जल से रुद्राभिषेक करने से सभी कष्ट समाप्त होते हैं। मधु से रुद्राभिषेक करने से धन,सम्पदा व ऐश्वर्य का सुआगमन होता है। श्रावण माह में तीर्थ करें। पार्थिव का शिवलिंग बनाकर पूजन करें। घर मे पारद का शिवलिंग लाकर उनकी उपासना व जलाभिषेक से भगवान शिव की अनन्य भक्ति प्राप्त होगी। बड़े भाई की किसी बात की अवज्ञा मत करें।
