10 September ka panchang (कल कौन सा व्रत है, कल चांद कब निकलेगा): 10 सितंबर 2025, बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत विशेष रहेगा। ज्योतिषाचार्य सुजीत जी महाराज के अनुसार, इस दिन आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि प्रातः से ही प्रभावी रहेगी, जिसके उपरांत दोपहर 3:37 बजे से चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा। इसी कारण इस दिन विघ्नराज संकष्टी गणेश व्रत भी रखा जाएगा। संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रोदय रात 11:26 बजे पर होगा। चन्द्रास्त 11:40 am पर होगा।
पंचांग के अनुसार यह दिन पितृ पक्ष का है तथा तृतीया श्राद्ध का महत्व भी रहेगा। नक्षत्र की स्थिति में प्रातः से लेकर शाम 4:04 बजे तक रेवती नक्षत्र रहेगा और उसके बाद अश्विनी नक्षत्र आरंभ होगा। इस प्रकार यह दिन व्रत, श्राद्ध और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी सिद्ध होगा।
यहां देखें 10 सितंबर का पंचांग
- माह-आश्विन
- तिथि-शुक्ल पक्ष। पितृ पक्ष।तृतीया श्राद्ध।बुधवार। 03:31 pm के बाद चतुर्थी
- नक्षत्र- रेवती 04:04 pm तक फिर अश्वनी
- योग- वैधृतिः 08:34 pm तक फिर ध्रुव
- सूर्योदय - 05:57 am, सूर्यास्त:06:50pm
- करण- विष्टि 03:38pm तक फिर बव
- सूर्य की स्थिति- सिंह राशि, स्वामी ग्रह- सूर्य
- चन्द्रमा- चन्द्रमा मीन राशि में रहेंगे। 04:04 pm के बाद मेष राशि, स्वामी ग्रह -मंगल
- चंद्रोदय-11:26 pm, चन्द्रास्त - 11:40 am
- संवत्सर-शक-1947,विक्रम-2082'
- माह -आश्विन,पितृ पक्ष श्राद्ध द्वितीया,द्रिक ऋतु - वर्षा,अग्निवास- पृथ्वी।
10 सितंबर 2025 का शुभ मुहूर्त
- अभिजीत-नहीं है।
- विजय-02:29pm से 03:22pm तक
- गोधूलि-07:22 pm से 07:43pm तक
- ब्रह्म मुहूर्त-04:18am से 05:07 am तक
- निशीथ काल- 05:42pm से 07:27 pm तक
- संध्या पूजा-06:23pm से 07:05 pm तक
10 सितंबर 2025 का अशुभ मुहूर्त
राहु काल: दोपहर 12 से 01:30 बजे तक। गुलिक काल- 07:23pm से 08: 52am तक
यमगण्ड- 10:25am से 12:27 pm तक
दिशाशूल- उत्तर
चन्द्रबल व तारा बल
वृष, सिंह, तुला, वृश्चिक तथा कुम्भ को चन्द्रबल प्राप्त है। मेष कर्क,मेष,मिथुन,कन्या,सिंह, वृश्चिक तथा धनु को तारा बल प्राप्त है।
