Jhalawar News: राजस्थान के झालावाड़ में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नशा माफियाओं की आर्थिक जड़ें हिला दी हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में चलाए गए “ऑपरेशन दिव्य प्रहार” के तहत नशा तस्करी से कमाई गई करीब 125 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज कर दिया गया है। इस कार्रवाई में लग्जरी मकान, पेट्रोल पंप, कृषि भूमि, कॉमर्शियल प्लॉट और हाई–एंड गाड़ियां तक शामिल हैं। पूरी ऑपरेशन के लिए पुलिस ने लगभग तीन महीने की गोपनीय रणनीति और तैयारी की थी, जिसके बाद यह बड़ी सफलता मिली।
पुलिस की MOB शाखा ने पिछले कुछ महीनों में नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अपराधियों और उनके करीबी रिश्तेदारों की अवैध संपत्तियों का एक गोपनीय डाटाबेस तैयार किया। इसके बाद थाना प्रभारियों, साइबर यूनिट और विशेष जांच दल ने मिलकर कानूनी प्रक्रिया के तहत इन परिसंपत्तियों को फ्रीज़ किया। इसके लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था और पूरी कार्रवाई के दौरान विशेषज्ञों से कानूनी परामर्श भी लिया गया, ताकि हर कदम निर्धारित नियमों के अनुसार हो। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत की गई संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई को दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी से औपचारिक स्वीकृति मिल चुकी है।
न बेच सकेंगे, न गिरवी रख पाएंगे
बताया जा रहा है कि, इसके बाद अब तस्कर इन संपत्तियों को न बेच सकेंगे, न गिरवी रख पाएंगे और न ही किसी रूप में उपयोग कर सकेंगे। इस बड़े कदम ने अपराधियों में स्पष्ट संदेश भेज दिया है कि नशा कारोबार का अंजाम सिर्फ जेल नहीं, बल्कि अवैध कमाई की पूरी जब्ती भी है। जांच में शामिल 71 नशा तस्करों की 107 संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज़ किया गया है, जबकि करोड़ों रुपये की काली कमाई भी जब्त की गई है। यह कार्रवाई जिले में नशा नेटवर्क के खिलाफ पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा खुलासा माना जा रहा है।
