इस दुनिया में कई तरह की जनजातियां रहती हैं। इन सभी जनजातियों के रीति-रिवाज अलग-अलग होते हैं। ऐसी ही एक जनजाति के बारे में आज हम आपको बताएंगे, जहां लड़कियां शादी से पहले अपने दांत तुड़वा लेती हैं।
दुनिया की यह अजीबोगरीब परंपरा चीन की गेलाओ जनजाति की है। गेलाओ जनजाति चीन का एक पुराना जाति समूह है जो मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिमी प्रांत गुइझोउ में रहता है। इस जनजाति के कुछ लोग वियतनाम में भी हैं।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, 2021 की गणना के मुताबिक, चीन में इस जनजाति की आबादी 6 लाख 77 हजार से ज्यादा थी और ये लोग ज्यादातर पहाड़ी इलाकों में बसते हैं। इनका जीवन मुख्य रूप से खेती पर निर्भर है।
सदियों पुरानी दांत तोड़ने की प्रथा गेलाओ समुदाय में प्राचीन काल से चली आ रही है। यह परंपरा शादी से जुड़ी हुई है। इस रस्म में होता ये है कि जब लड़की की उम्र शादी के लायक हो जाती है, यानी जब लड़की आमतौर पर 18-20 साल की होती है, तब उसके ऊपर वाले सामने के दो दांतों को जानबूझकर तोड़ दिया जाता है। चीन में इस रस्म को दांत पीटना कहते हैं।
इस रस्म के पीछे मान्यता थी कि अगर दुल्हन के पूरे दांत रहें, तो वह दूल्हे के परिवार को नुकसान पहुंचा सकती है, जैसे दुर्भाग्य आएगा या फिर उसकी संतान नहीं होगी। कुछ लोग इसे सुंदरता का भी हिस्सा मानते थे, तो कुछ कहते थे कि ये एक पुरानी दुर्घटना से शुरू हुई प्रथा है।
चीन में सदियों पुरानी सुनाई जाने वाली एक लोककथा के अनुसार, बहुत पहले एक गेलाओ लड़की फल इकट्ठा करते समय चट्टान से गिर गई और उसके सामने के दांत टूट गए। उसकी बहादुरी की याद में ये परंपरा शुरू हुई।
दांत तुड़वाने की ये रस्म बहुत दर्दनाक थी। दांत तुड़वाने वाली लड़की के मामा (या मां के पक्ष का कोई पुरुष रिश्तेदार) एक छोटे हथौड़े से लड़की के ऊपर के सामने वाले दांत तोड़ते थे। पहले शराब का बर्तन तैयार किया जाता था और मामा को सम्मान से बुलाया जाता था।
दांत तोड़ने के बाद मसूड़ों पर विशेष जड़ी-बूटी का पाउडर लगाया जाता था, ताकि जल्दी ठीक हो। अगर कोई लड़की ये रस्म नहीं करवाती, तो समुदाय में उसका मजाक उड़ता था।
इस प्रथा के सबसे पुराने लिखित प्रमाण दक्षिणी सोंग राजवंश (1127-1279) के समय के हैं। किंग राजवंश (1644-1912) तक ये कई इलाकों में चलती रही। अब ये परंपरा लुप्त होने की कागार पर है।