हम जिस जगह की बात कर रहे हैं, उसका नाम तासिली एन आजर (Tassili n'Ajjer) है। यह जगह अफ्रीका के देश अल्जीरिया में सहारा रेगिस्तान के बीच में हैं। दुनिया में कई पुरानी और रहस्यमयी जगहें हैं, लेकिन जगह की गुफा पेंटिंग्स (Cave Paintings) कुछ खास हैं। माना जाता है कि ये पेंटिंग्स लगभग 9,000 साल पुरानी हैं।
इन पेंटिंग्स को देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी ने हजारों साल पहले अपनी कहानी पत्थरों पर लिख दी हो लेकिन आज भी वैज्ञानिक इनका पूरा मतलब नहीं समझ पाए हैं, इसलिए ये आज भी एक बड़ी पहेली बनी हुई है। इसे लेकर वैज्ञानिकों का कई निष्कर्ष है लेकिन वे आज तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं।
इन गुफाओं और चट्टानों पर बनी तस्वीरों में कई तरह के दृश्य नजर आते हैं। जैसे इंसानों के समूह, जानवर जैसे गाय, हिरण और हाथी, अजीब से बड़े सिर वाले मानव चित्र और नाचते और शिकार करते लोग। इनमें से कुछ पेंटिंग्स इतनी अलग हैं कि लोग उन्हें एलियन जैसी आकृतियां भी कहते हैं। हालांकि, इसका कोई पक्का सबूत नहीं है। लोगों को लगता है कि शायद इस जगह एलियन्स का किसी तरह से वास्ता था।
आज जहां तासिली एन आजर में सिर्फ रेत ही रेत है, लेकिन वहां की पेंटिंग्स कुछ और ही कहानी बताती हैं। जैसे इन पेंटिंग्स में पानी, पेड़-पौधे और जानवरों की भरमार दिखती है। इस पेंटिंग को लेकर वैज्ञानिकों का मानना है कि हजारों साल पहले सहारा रेगिस्तान एक हरा-भरा इलाका रहा होगा, जहां लोग और जानवर आराम से रहते थे।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन पेंटिंग्स का असली मतलब क्या है? कुछ लोग मानते हैं कि ये रोजमर्रा की जिंदगी के दृश्य हैं। कुछ का कहना है कि ये धार्मिक या आध्यात्मिक चित्र हैं। वहीं कुछ लोग इन्हें किसी अज्ञात सभ्यता या रहस्यमयी घटनाओं से जोड़ते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि आज तक कोई भी इनका पूरा अर्थ नहीं समझ पाया है।
इन पेंटिंग्स को समझना आसान नहीं है क्योंकि ये बहुत पुरानी हैं। साथ ही इनका लिखित भाषा का कोई रिकॉर्ड नहीं है। यहां हर चित्र का मतलब अलग हो सकता है इसलिए वैज्ञानिक सिर्फ अंदाजा ही लगा सकते हैं, मगर पक्का जवाब नहीं दे सकते।
तासिली एन आजर की ये गुफा पेंटिंग्स हमें हमारे पुराने इतिहास की झलक दिखाती हैं। ये बताती हैं कि इंसान हजारों साल पहले कैसे रहते थे और क्या सोचते थे। इसी वजह से यह जगह यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट भी है और दुनिया भर के रिसर्चर्स के लिए सोचने का विषय भी है।