दुनिया की वो जगहें, जहां कभी हजारों लोगों की बसती थी जिंदगी लेकिन आज पूरी तरह से वीरान

इस दुनिया में ऐसी कई जगहें हैं, जो पहले एक खूबसूरत जगह हुआ करती थी लेकिन यहां हालात कुछ ऐसे बदले कि रातों-रात इन जगहों को खाली कर दिया गया और एक दिन में ये शहर भूतिया शहर बन गए। पहले जहां हजारों लोगों की आबादी रहती थी, वहां आज इंसान का कोई नामोनिशान नहीं मिलता। इसके पीछे की वजह भी एक नहीं बल्कि कई हैं। जहां इनमें से कुछ शहरों को युद्ध ने खत्म कर दिया तो कुछ को प्रकृति ने निगल लिया । जबकि कुछ जगहों को इंसानों ने खुद हमेशा के लिए खाली कर दिया। पहले जहां इन जगहों पर लोग कभी हमारी तरह ही आम लोग हुआ करते थे। वे स्कूल-कॉलेज जाते थे, काम करते थे, सपने देखते थे और फिर एक दिन अचानक से सब कुछ बदल गया और वे जगहें अब वीरान हो गईं। आज हम आपको ऐसी ही कुछ जगहों के बारे में बताएंगे जहां कभी हजारों लोगों की आबादी हुआ करती थी। उस वक्त ये जगहें पूरी तरह जीवन से भरी हुई थीं, लेकिन आज यहां सिर्फ खामोशी बची है।

Authored by: पंकज यादवUpdated Jun 22 2026, 10:42 IST
​हैरान कर देगी इन शहरों की कहानीImage Credit : Times Now Navbharat01 / 08

​हैरान कर देगी इन शहरों की कहानी

जानिए दुनिया की उन रहस्यमयी और वीरान जगहों के बारे में, जहां कभी हजारों लोग रहते थे लेकिन आज पूरी तरह खाली हैं। इन खाली और भूतिया शहरों (abandoned cities and ghost towns) की कहानी आपको हैरान कर देगी।

प्लायमाउथ, मोंटसेराटImage Credit : IStock02 / 08

प्लायमाउथ, मोंटसेराट

इस लिस्ट में पहला नाम कैरेबियन द्वीप पर बसा प्लायमाउथ, मोंटसेराट शहर का है। जहां पहले हजारों लोग रहा करते थे लेकिन साल 1995 में सौफ्रिएरे हिल्स (Soufriere Hills) नाम का ज्वालामुखी फटना शुरू हुआ। धीरे-धीरे ज्वालामुखी की राख ने पूरे शहर को ढंक दिया। यहां के पत्थर गर्म कीचड़ से लद गए। जिसके एक साल के बाद यानी साल 1996 में इस शहर को पूरी तरह से खाली करवा दिया गया। आज भी शहर का बड़ा हिस्सा ज्वालामुखी की राख के नीचे दबा हुआ है।

कायाकोय, तुर्कीImage Credit : IStock03 / 08

कायाकोय, तुर्की

तुर्की का कायाकोय शहर साल 1923 में ग्रीस और तुर्की के बीच हुए एक जनसंख्या समझौते के तहत खाली करना पड़ा। अचानक हुए इस फैसले के कारण हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े। जिसके बाद कायाकोय शहर पूरी तरह से अचानक खाली हो गया और आज ये पत्थर के घर बिना लोगों के खड़े हैं।

सेंट्रेलिया,  पेन्सिलवेनियाImage Credit : IStock04 / 08

सेंट्रेलिया, पेन्सिलवेनिया

संयुक्त राज्य अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य में स्थित सेंट्रेलिया नाम का वीरान भूतिया शहर है। यहाँ 1962 से जमीन के नीचे कोयले की खदानों में एक ऐसी भीषण आग लगी, जो आज तक बुझाई नहीं जा सकी है और इसके सदियों तक जलते रहने का अनुमान है। इस आग की शुरुआत मई 1962 में मेमोरियल डे के मौके पर हुई थी। जब शहर के कचरे के ढेर (लैंडफिल) में आग लगाई गई थी। यह आग पास की एक पुरानी कोयला खदान की सुरंगों तक पहुंच गई और जमीन के नीचे-नीचे पूरे शहर में फैल गई। जिसके बाद जमीन से जहरीली गैसों का निकलना, जगह-जगह गड्ढे (सिंकहोल्स) बनना और सड़कों का दरकना शुरू हो गया। स्थिति को खतरनाक देखते हुए, अमेरिकी सरकार ने 1980 के दशक में लोगों को यहां से निकालने के लिए करोड़ों डॉलर खर्च किए। अधिकांश निवासियों ने शहर छोड़ दिया और घर खाली कर दिए। अब इस शहर में गिने-चुने लगभग 5 या उससे भी कम निवासी ही बचे हैं, जिन्हें अदालत द्वारा यहां रहने की विशेष अनुमति मिली हुई है। इस शहर का जिप कोड 2002 में रद्द कर दिया गया था। जमीन के नीचे सुलगती आग के कारण यहां धरातल से धुआं निकलता हुआ देखा जा सकता है।

प्रिप्यात, यूक्रेनImage Credit : IStock05 / 08

प्रिप्यात, यूक्रेन

यूक्रेन के प्रिप्यात में साल 1986 में चेर्नोबिल आपदा हुआ। रेडिएशन इतना खतरनाक था कि 45,000 लोगों को तुरंत शहर छोड़ना पड़ा। लोगों से कहा गया था कि वे कुछ दिनों में वापस आ जाएंगे लेकिन आज तक कोई वापस नहीं लौट पाया।

कोलमैनस्कोप, नामीबियाImage Credit : IStock06 / 08

कोलमैनस्कोप, नामीबिया

1900 के दशक में यहां हीरों की खोज हुई थी। कुछ ही सालों में ये जगह बहुत अमीर शहर बन गई लेकिन पर जब हीरे खत्म होने लगे, लोग शहर छोड़कर चले गए। जिसके बाद यहां रेगिस्तान की रेत यहां के घरों के अंदर भरने लगी। आज पूरा शहर रेत में डूबा हुआ है और यहां अब कोई नहीं रहता। शहर खाली करने से पहले यहां पर एक-डेढ़ हजार लोग रहा करते थे।

बिकनी एटोलImage Credit : IStock07 / 08

बिकनी एटोल

साल 1946 से 1958 के बीच यहां 23 परमाणु परीक्षण (Nuclear Tests) किए गए। कई परीक्षण इतने शक्तिशाली थे कि आसपास का इलाका रेडिएशन से प्रभावित हो गया। ऐसे में इस शहर के कई स्थानीय लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े। शहर खाली करने से पहले यहां सैकड़ों लोग रहते थे।

वरोशा, साइप्रसImage Credit : IStock08 / 08

वरोशा, साइप्रस

1970 के दशक में वरोशा के पर्यटकों से भरी रहती थी। ये साइप्रस की सबसे मशहूर बीच डेस्टिनेशन में से एक थी लेकिन 1974 के टकराव के बाद पूरा इलाका बंद कर दिया गया। लोग अपने घर और होटल छोड़कर यहां से चले गए।

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