खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग बिहार सरकार के अनुसार, ई-केवाईसी के जरिए राशन कार्ड को आधार से जोड़ा जा रहा है। इसका मकसद फर्जी और डुप्लीकेट राशन कार्ड को हटाना है, ताकि असल जरूरतमंदों तक ही सस्ता राशन पहुंचे। आधार सीडिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों को मिल सकेगा।
ई-केवाईसी की सुविधा उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकानों) और विभाग द्वारा लगाए गए विशेष कैंपों में उपलब्ध कराई जा रही है। लाभार्थियों को अपना राशन कार्ड और आधार कार्ड साथ ले जाना होगा। बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से अंगूठे या आंखों की पहचान से प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विभाग ने साफ किया है कि 30 दिसंबर 2025 तक ई-केवाईसी नहीं कराने वाले राशन कार्डधारियों का नाम सूची से हटाया जा सकता है, जिससे उन्हें मुफ्त या सस्ते राशन का लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए सभी लाभार्थियों से समय रहते प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की गई है।
ई-केवाईसी से जुड़ी किसी भी जानकारी या समस्या के लिए विभाग ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जहां उपभोक्ता अपनी शिकायत या सवाल दर्ज करा सकते हैं।
सरकार और खाद्य विभाग ने सभी राशन कार्डधारियों से अपील की है कि वे भीड़ से बचने के लिए जल्द से जल्द ई-केवाईसी करा लें, ताकि भविष्य में राशन वितरण में किसी तरह की दिक्कत न आए।