बता दें कि नेशनल लोक अदालत 9 मई 2026 को दिल्ली के सभी जिला न्यायालयों में आयोजित होगी। इनमें कड़कड़डूमा, साकेत, पटियाला हाउस, राउज एवेन्यू, द्वारका, रोहिणी और तीस हजारी कोर्ट शामिल हैं। अदालत की कार्यवाही सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी, जिससे लोग अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी कोर्ट में पहुंच सकते हैं।
लोक अदालत मुख्य रूप से उन मामलों को सुनती है जिनमें समझौते या आपसी सहमति की संभावना होती है। खासकर ऐसे ट्रैफिक मामले जो कोर्ट में लंबित हों और जिनका समाधान सरल तरीके से किया जा सके। इसका उद्देश्य लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत देना और छोटे मामलों का जल्दी निपटारा करना होता है।
आमतौर पर लोक अदालत में कम गंभीर ट्रैफिक नियम उल्लंघनों से जुड़े मामलों पर विचार किया जाता है। इनमें हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनना, नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करना या मामूली ओवरस्पीडिंग जैसे मामले शामिल होते हैं। ऐसे मामलों में कई बार जुर्माने की राशि कम कर दी जाती है या सहमति के आधार पर तुरंत निपटारा कर दिया जाता है।
कुछ ट्रैफिक उल्लंघन ऐसे होते हैं जिन्हें लोक अदालत में माफ नहीं किया जाता। जैसे शराब पीकर वाहन चलाना, हिट एंड रन के मामले, रेड लाइट जंप कर दुर्घटना करना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस गाड़ी चलाना या फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करना।
इन मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी रहती है और केवल प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकता है, सजा या चालान खत्म नहीं होता।
लोक अदालत में जाने से पहले वाहन चालकों को अपने चालान की स्थिति ऑनलाइन जांच लेनी चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि मामला कोर्ट में लंबित है या नहीं।
साथ ही आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाना चाहिए, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।