लोक अदालत में कौन-कौन से चालान माफ होते हैं? टोकन लेने से पहले नियम समझ लें

Lok Adalat 2026 Date and Time: लोक अदालत प्रत्येक कुछ महीने पर अलग-अलग शहर में आयोजित होती है। लोक अदालत को लेकर लोगों के दिमाग में यही रहता है कि लोक अदालत में जाने पर सभी तरह के चालान माफ हो जाएंगे, लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है। लोक अदालत भी कई तरह के होते हैं। किसी लोक अदालत में बिजली की माफी होती है तो किसी में ट्रैफिक चालान की माफी होती है।

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated May 7 2026, 09:13 IST
देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में समय-समय पर लोक अदालत का आयोजन किया जाता है, हालांकि बहुत से लोगों के बीच यह धारणा बनी हुई है कि लोक अदालत में पहुंचते ही सभी ट्रैफिक चालान माफ हो जाते हैं। इसी उम्मीद में कई वाहन चालक वहां पहुंचते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे काफी अलग होती है। लोक अदालत हर प्रकार के चालान को रद्द नहीं करती और ना ही हर मामले में पूरी छूट मिलती है।Image Credit : Canva01 / 08

देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में समय-समय पर लोक अदालत का आयोजन किया जाता है, हालांकि बहुत से लोगों के बीच यह धारणा बनी हुई है कि लोक अदालत में पहुंचते ही सभी ट्रैफिक चालान माफ हो जाते हैं। इसी उम्मीद में कई वाहन चालक वहां पहुंचते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे काफी अलग होती है। लोक अदालत हर प्रकार के चालान को रद्द नहीं करती और ना ही हर मामले में पूरी छूट मिलती है।

9 मई को दिल्ली में लोक अदालतImage Credit : Canva02 / 08

9 मई को दिल्ली में लोक अदालत

बता दें कि नेशनल लोक अदालत 9 मई 2026 को दिल्ली के सभी जिला न्यायालयों में आयोजित होगी। इनमें कड़कड़डूमा, साकेत, पटियाला हाउस, राउज एवेन्यू, द्वारका, रोहिणी और तीस हजारी कोर्ट शामिल हैं। अदालत की कार्यवाही सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी, जिससे लोग अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी कोर्ट में पहुंच सकते हैं।

किन मामलों की होती है सुनवाई?Image Credit : Canva03 / 08

किन मामलों की होती है सुनवाई?

लोक अदालत मुख्य रूप से उन मामलों को सुनती है जिनमें समझौते या आपसी सहमति की संभावना होती है। खासकर ऐसे ट्रैफिक मामले जो कोर्ट में लंबित हों और जिनका समाधान सरल तरीके से किया जा सके। इसका उद्देश्य लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत देना और छोटे मामलों का जल्दी निपटारा करना होता है।

छोटे ट्रैफिक उल्लंघनों में मिल सकती है राहतImage Credit : Canva04 / 08

छोटे ट्रैफिक उल्लंघनों में मिल सकती है राहत

आमतौर पर लोक अदालत में कम गंभीर ट्रैफिक नियम उल्लंघनों से जुड़े मामलों पर विचार किया जाता है। इनमें हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनना, नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करना या मामूली ओवरस्पीडिंग जैसे मामले शामिल होते हैं। ऐसे मामलों में कई बार जुर्माने की राशि कम कर दी जाती है या सहमति के आधार पर तुरंत निपटारा कर दिया जाता है।

गंभीर मामलों में नहीं मिलती माफीImage Credit : Canva05 / 08

गंभीर मामलों में नहीं मिलती माफी

कुछ ट्रैफिक उल्लंघन ऐसे होते हैं जिन्हें लोक अदालत में माफ नहीं किया जाता। जैसे शराब पीकर वाहन चलाना, हिट एंड रन के मामले, रेड लाइट जंप कर दुर्घटना करना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस गाड़ी चलाना या फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करना।

कोई माफी नहींImage Credit : Canva06 / 08

कोई माफी नहीं

इन मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी रहती है और केवल प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकता है, सजा या चालान खत्म नहीं होता।

लोक अदालत जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यानImage Credit : Canva07 / 08

लोक अदालत जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

लोक अदालत में जाने से पहले वाहन चालकों को अपने चालान की स्थिति ऑनलाइन जांच लेनी चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि मामला कोर्ट में लंबित है या नहीं।

जरूरी डॉक्यूमेंटImage Credit : Canva08 / 08

जरूरी डॉक्यूमेंट

साथ ही आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाना चाहिए, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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