Post Office के बदल गए नियम, अब बिना PAN कार्ड अटक सकते हैं आपके ये जरूरी काम

Post Office Rule Change 2026: पोस्ट ऑफिस में वित्तीय लेनदेन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने आयकर नियम, 2026 के तहत कई अहम बदलाव किए हैं। इन नए नियमों के लागू होने के बाद अब पैन (PAN) की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। साथ ही, टीडीएस छूट और बिना पैन वाले लेनदेन से जुड़े फॉर्म्स में भी बड़े बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर आम निवेशकों और जमाकर्ताओं पर पड़ेगा।

Authored by: शिवानी कोटनालाUpdated May 5 2026, 11:59 IST
डाक विभाग ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि अब पोस्ट ऑफिस में होने वाले सभी निर्दिष्ट लेनदेन में पैन नंबर देना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य वित्तीय लेनदेन को ट्रैक करना और टैक्स सिस्टम को अधिक मजबूत बनाना है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या टैक्स चोरी पर रोक लगाई जा सके।Image Credit : X handle/@IndiaPostOffice01 / 07

डाक विभाग ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि अब पोस्ट ऑफिस में होने वाले सभी निर्दिष्ट लेनदेन में पैन नंबर देना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य वित्तीय लेनदेन को ट्रैक करना और टैक्स सिस्टम को अधिक मजबूत बनाना है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या टैक्स चोरी पर रोक लगाई जा सके।

आयकर नियम, 2026 के अनुसार, अगर किसी जमाकर्ता के पास पैन नहीं है, तो पोस्ट ऑफिस को उससे फॉर्म 97 भरवाना होगा। इस फॉर्म में जमाकर्ता का नाम, पता, लेनदेन की प्रकृति, राशि और उससे जुड़े जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है।Image Credit : X handle/@IndiaPostOffice02 / 07

आयकर नियम, 2026 के अनुसार, अगर किसी जमाकर्ता के पास पैन नहीं है, तो पोस्ट ऑफिस को उससे फॉर्म 97 भरवाना होगा। इस फॉर्म में जमाकर्ता का नाम, पता, लेनदेन की प्रकृति, राशि और उससे जुड़े जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है।

पोस्ट ऑफिस SB आदेश संख्या 02/2026 में भी यह साफ किया गया है कि सभी निर्दिष्ट लेनदेन में पैन कोट करना जरूरी है। यदि पैन उपलब्ध नहीं है, तो फॉर्म 97 के जरिए पूरी जानकारी लेकर ही लेनदेन को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।Image Credit : X handle/@IndiaPostOffice03 / 07

पोस्ट ऑफिस SB आदेश संख्या 02/2026 में भी यह साफ किया गया है कि सभी निर्दिष्ट लेनदेन में पैन कोट करना जरूरी है। यदि पैन उपलब्ध नहीं है, तो फॉर्म 97 के जरिए पूरी जानकारी लेकर ही लेनदेन को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

नए नियमों के तहत उच्च मूल्य (High-value) वाले लेनदेन जैसे जमा, निकासी, खाता खोलना और टाइम डिपॉजिट में भी पैन देना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम आयकर के विभिन्न प्रावधानों जैसे नियम 159, 160, 161, 211 और 237 के तहत लागू किया गया है।Image Credit : X handle/@IndiaPostOffice04 / 07

नए नियमों के तहत उच्च मूल्य (High-value) वाले लेनदेन जैसे जमा, निकासी, खाता खोलना और टाइम डिपॉजिट में भी पैन देना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम आयकर के विभिन्न प्रावधानों जैसे नियम 159, 160, 161, 211 और 237 के तहत लागू किया गया है।

टीडीएस छूट की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अब फॉर्म 15G और 15H की जगह एक नया फॉर्म 121 लागू किया गया है। यह फॉर्म उन लोगों के लिए है, जो अपनी ब्याज आय पर टीडीएस कटने से बचना चाहते हैं और जिनकी कुल अनुमानित आय पर टैक्स देनदारी शून्य होती है।Image Credit : X handle/@IndiaPostOffice05 / 07

टीडीएस छूट की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अब फॉर्म 15G और 15H की जगह एक नया फॉर्म 121 लागू किया गया है। यह फॉर्म उन लोगों के लिए है, जो अपनी ब्याज आय पर टीडीएस कटने से बचना चाहते हैं और जिनकी कुल अनुमानित आय पर टैक्स देनदारी शून्य होती है।

फॉर्म 121 को लेकर पोस्ट ऑफिस की भूमिका भी तय की गई है। पोस्ट ऑफिस इस फॉर्म के पार्ट A को प्राप्त कर उसकी जांच करेगा, पार्ट B को पूरा करेगा और इन रिकॉर्ड्स को सात वर्षों तक सुरक्षित रखेगा। हालांकि, जब तक सिस्टम पूरी तरह अपडेट नहीं हो जाता, तब तक फॉर्म 15G और 15H की मौजूदा प्रक्रिया जारी रहेगी।Image Credit : X handle/@IndiaPostOffice06 / 07

फॉर्म 121 को लेकर पोस्ट ऑफिस की भूमिका भी तय की गई है। पोस्ट ऑफिस इस फॉर्म के पार्ट A को प्राप्त कर उसकी जांच करेगा, पार्ट B को पूरा करेगा और इन रिकॉर्ड्स को सात वर्षों तक सुरक्षित रखेगा। हालांकि, जब तक सिस्टम पूरी तरह अपडेट नहीं हो जाता, तब तक फॉर्म 15G और 15H की मौजूदा प्रक्रिया जारी रहेगी।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि फॉर्म 121 भरना सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। यह केवल उन करदाताओं के लिए है, जो टीडीएस से छूट चाहते हैं और जिनकी अनुमानित कुल आय पर टैक्स देनदारी शून्य है। साथ ही, यह फॉर्म हर वित्तीय वर्ष के लिए अलग-अलग जमा करना होगा।Image Credit : X handle/@IndiaPostOffice07 / 07

यह ध्यान रखना जरूरी है कि फॉर्म 121 भरना सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। यह केवल उन करदाताओं के लिए है, जो टीडीएस से छूट चाहते हैं और जिनकी अनुमानित कुल आय पर टैक्स देनदारी शून्य है। साथ ही, यह फॉर्म हर वित्तीय वर्ष के लिए अलग-अलग जमा करना होगा।

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