बैंक में खाता खुलवाने से लेकर इनकम टैक्स रिटर्न भरने, लोन लेने या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने तक लगभग हर फाइनेंशियल काम में PAN कार्ड की जरूरत होती है। इसके बावजूद ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि उनका PAN कार्ड फिलहाल एक्टिव है या नहीं और यही लापरवाही आगे चलकर मुश्किल खड़ी कर सकती है।
अक्सर लोग मान लेते हैं कि PAN कार्ड एक बार जारी हो गया तो वह जीवन भर मान्य रहेगा, लेकिन हकीकत यह है कि कुछ कारणों से PAN को इनएक्टिव किया जा सकता है। जब तक किसी जरूरी काम में रुकावट न आए, तब तक लोगों को इस बारे में पता ही नहीं चलता।
अगर कोई व्यक्ति इनएक्टिव PAN का इस्तेमाल करता है, तो उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे PAN से किए गए लेन-देन पर जुर्माना लग सकता है। बैंक अकाउंट फ्रीज हो सकता है, इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना संभव नहीं रहता और लोन या क्रेडिट कार्ड का आवेदन भी रिजेक्ट हो सकता है। साफ शब्दों में कहें तो PAN का एक्टिव होना आपकी पूरी फाइनेंशियल व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
PAN के इनएक्टिव होने की सबसे बड़ी वजह आधार कार्ड का PAN से लिंक न होना है। इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति के नाम पर गलती से दो PAN जारी हो जाएं, PAN में नाम या जन्मतिथि जैसी जानकारी गलत हो, या PAN के गलत इस्तेमाल का मामला सामने आए, तो भी विभाग PAN को निष्क्रिय कर सकता है। कई बार यह बात तब सामने आती है, जब किसी जरूरी काम के दौरान PAN स्वीकार नहीं किया जाता।
PAN कार्ड का स्टेटस जानने के लिए अब किसी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे ऑनलाइन यह आसानी से जांच सकते हैं। इसके लिए इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “Verify Your PAN” विकल्प चुनना होता है। यहां PAN नंबर, पूरा नाम, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर भरने के बाद OTP दर्ज करना होता है। OTP डालते ही स्क्रीन पर साफ दिख जाता है कि आपका PAN एक्टिव है या इनएक्टिव। Photo-Digit
अगर जांच में आपका PAN इनएक्टिव दिखता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले आधार-PAN लिंकिंग की स्थिति जांचें और अगर लिंक नहीं है तो तुरंत यह प्रक्रिया पूरी करें। अगर जानकारी में कोई गलती है या डुप्लिकेट PAN जारी हो गया है, तो इनकम टैक्स पोर्टल के जरिए सुधार या सरेंडर की प्रक्रिया की जा सकती है।
PAN से जुड़ी दिक्कतें अक्सर तब सामने आती हैं, जब काम अटक जाता है। अगर समय-समय पर PAN का स्टेटस चेक किया जाए, तो किसी भी बड़ी फाइनेंशियल परेशानी से पहले ही सतर्क हुआ जा सकता है और जरूरी सुधार समय रहते किया जा सकता है।