यदि पैन-आधार लिंक नहीं है, तो पैन से जुड़े कई जरूरी काम अटक सकते हैं। इसमें बैंकिंग लेनदेन, निवेश, आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना और अन्य टैक्स से जुड़े कार्य शामिल हैं। आयकर विभाग पहले ही साफ कर चुका है कि लिंकिंग अनिवार्य है और इसमें किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी।
आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, जिन लोगों को 1 जुलाई 2017 या उससे पहले पैन जारी हुआ है, उनके लिए पैन को आधार से लिंक करना जरूरी है। यह सुविधा ई-फाइलिंग पोर्टल पर रजिस्टर्ड और नॉन-रजिस्टर्ड दोनों तरह के टैक्सपेयर्स के लिए उपलब्ध है।
जो लोग नया पैन कार्ड बनवा रहे हैं, उनके लिए आवेदन के समय ही आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे मामलों में बाद में अलग से पैन-आधार लिंक करने की जरूरत नहीं पड़ती।
पैन को आधार से लिंक करने के लिए सबसे पहले आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें। प्रोफाइल सेक्शन में जाकर ‘Link Aadhaar’ विकल्प चुनें। इसके बाद पैन और आधार नंबर डालें और ई-पे टैक्स के जरिए भुगतान की प्रक्रिया पूरी करें। चालान जनरेट होने के बाद बैंक के माध्यम से फीस का भुगतान करें और फिर पोर्टल पर जाकर लिंकिंग पूरी करें।
लिंक स्टेटस जानने के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर ‘Link Aadhaar Status’ विकल्प पर क्लिक करें। यहां पैन और आधार नंबर दर्ज कर सबमिट करें। स्क्रीन पर तुरंत यह जानकारी दिख जाएगी कि आपका पैन आधार से लिंक है या नहीं।
अगर आधार और पैन में नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरण मेल नहीं खाते हैं, तो पहले UIDAI की वेबसाइट पर जाकर आधार की जानकारी सही कराएं। इसके अलावा Protean (NSDL) या UTIITSL की वेबसाइट के जरिए पैन विवरण अपडेट किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर अधिकृत पैन सेवा केंद्र पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी कराया जा सकता है।
आयकर विभाग ने सभी करदाताओं से अपील की है कि अंतिम तारीख का इंतजार न करें। समय रहते पैन-आधार लिंकिंग पूरी कर लेने से जुर्माने, पैन निष्क्रिय होने और जरूरी सेवाओं में रुकावट से बचा जा सकता है।