इस योजना की खास बात यह है कि नए किसान भी इसका लाभ ले सकते हैं। जो किसान अभी तक योजना से नहीं जुड़े हैं, वे ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं और सरकारी सहायता का फायदा उठा सकते हैं।
पीएम किसान योजना का लाभ पाने के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं। आवेदक का भारतीय नागरिक होना जरूरी है और उसके नाम पर खेती योग्य जमीन का रिकॉर्ड होना चाहिए। इसके अलावा आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य है, तभी किस्त सीधे खाते में भेजी जाती है।
यह योजना सभी किसानों के लिए नहीं है। संस्थागत भूमिधारी, सरकारी नौकरी करने वाले, 10,000 रुपये या उससे ज्यादा पेंशन पाने वाले और आयकर देने वाले किसान इसके पात्र नहीं माने जाते। साथ ही, सभी योग्य किसानों के लिए ई-केवाईसी पूरा करना भी जरूरी है, चाहे वह OTP के जरिए हो या बायोमेट्रिक तरीके से।
किसान इस योजना के लिए कई तरीकों से आवेदन कर सकते हैं। वे चाहें तो अपने गांव के पटवारी, राजस्व अधिकारी या अन्य अधिकृत एजेंसियों की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा, किसान खुद मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर भी पंजीकरण करवा सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन के लिए सबसे पहले PM-Kisan पोर्टल पर जाना होता है। वहां ‘Farmers Corner’ में जाकर ‘New Farmer Registration’ विकल्प चुनना होगा। इसके बाद सिस्टम यह जांच करता है कि किसान पहले से योजना में शामिल है या नहीं।
रजिस्ट्रेशन के दौरान किसान को Rural या Urban विकल्प चुनना होता है। इसके बाद आधार नंबर, राज्य और कैप्चा भरकर आगे बढ़ना होता है। अगर नाम पहले से दर्ज नहीं है, तो नई एंट्री के लिए अनुमति मिलती है, जिसके बाद पूरी जानकारी भरनी होती है।
आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेजों की जरूरत होती है, जैसे आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, नागरिकता प्रमाण और जमीन से जुड़े कागजात। फॉर्म में सभी जानकारी सही और सावधानी से भरना जरूरी है।
किसान को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसका आधार नंबर बैंक खाते से जुड़ा हो। साथ ही आधार और बैंक रिकॉर्ड में नाम, लिंग और जन्मतिथि सही होनी चाहिए, ताकि किस्त मिलने में किसी तरह की परेशानी न आए।