8-10 साल बाद एसी की कूलिंग धीरे-धीरे कम होने लगती है। पुराना कंप्रेसर, गैस लीकेज, या खराब फैन मोटर इसके मुख्य कारण हैं। पुराने एसी मेंटेनेंस के बावजूद नए जैसी कूलिंग नहीं करते।
पुराने एसी में R22 (Freon) गैस का इस्तेमाल होता था, जो अब प्रतिबंधित है। नए एसी R32 या R410A जैसी इको-फ्रेंडली गैस का उपयोग करते हैं, जिससे पुराने एसी तो पहले ही तकनीकी रूप से आउट-डेटेड हो गए हैं।
पुराना एसी कम कूलिंग करता है और ज्यादा बिजली खींचता है। नए 3-स्टार या 5-स्टार रेटिंग वाले इन्वर्टर एसी बिजली की बचत करते हैं, जिससे बिजली बिल में काफी कमी आती है।
पुराने एसी में गैस लीकेज की समस्या आम है। एक जगह ठीक करने के बाद दूसरी जगह लीक शुरू हो जाती है। बार-बार गैस भरवाना और रिपेयरिंग एसी की उम्र खत्म होने का संकेत है।
10-12 साल बाद एसी में कई दिक्कतें शुरू होती हैं, जैसे कम कूलिंग, ज्यादा शोर, और बढ़ता बिजली बिल। स्पेयर पार्ट्स मिलना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे रखरखाव चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
यदि एसी में बार-बार रिपेयरिंग, गैस भरवाना, कम कूलिंग, या ज्यादा शोर जैसी समस्याएँ आ रही हैं, तो यह संकेत है कि एसी की उम्र पूरी हो चुकी है और इसे बदलने का समय आ गया है। ऐसा आम तौर पर 10-12 साल बाद होता है।