वैसे तो पूरी पृथ्वी पर 71% पानी है लेकिन इसमें से पीने लायक पानी सिर्फ 1% ही है। अधिकतर शहरों में पानी सप्लाई के द्वारा घर-घर तक पहुंचाया जाता है। सप्लाई से घरों तक आने वाले पानी का इस्तेमाल कई लोग बिना इसे फिल्टर किये भी करते हैं।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि घरों तक सप्लाई से आने वाला पानी कितना साफ आता है? साथ ही एक सवाल यह भी है कि इस पानी में TDS लेवल कितना होता है? आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं।
TDS का विस्तृत रूप या फुल फॉर्म टोटल डिजोल्व्ड सोलिड्स होता है। पानी में मिनरल्स, विटामिन और साल्ट किस मात्रा में मौजूद हैं यह TDS से ही पता चलता है। BIS के अनुसार एक लीटर पानी में TDS का लेवल 250-500 मिलीग्राम के बीच होना चाहिए। वहीं WHO मानता है कि पानी में TDS का लेवल 150-300 मिलीग्राम के बीच होना चाहिए।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी सबसे पहले बड़ी-बड़ी जालियों से गुजरता है। इसके बाद पानी में क्लोरीन मिलाया जाता है जिससे पानी में मौजूद बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं। इसके बाद पानी विभिन्न फिल्टर्स से गुजरता है जिससे कि यह पूरी तरह साफ हो जाता है। एक तरह से पानी को रिवर्स ऑस्मोसिस प्रक्रिया से ही साफ किया जाता है।
आइये अब आपको बताते हैं कि विभिन्न भारतीय शहरों में किस जगह पानी का TDS कितना है? सबसे साफ पानी चेन्नई का है जहां TDS लेवल 300 मिलिग्राम प्रतिलीटर से कम है। मुंबई में TDS लेवल 260-320 मिलीग्राम प्रतिलीटर, बैंगलोर में 200-500 मिलीग्राम प्रतिलीटर, हैदराबाद में 100-550 मिलीग्राम प्रतिलीटर और दिल्ली में यह 150-600 मिलीग्राम प्रतिलीटर के बीच है।