मिस्र में पाई जाने वाली ममी के बारे में आपने लाइफ में कभी ना कभी जरूर सुना होगा। लेकिन, अगर आपको लगता है कि ममी सिर्फ मिस्र में ही पाई जाती हैं, तो आप भूल कर रहे हैं। भारत में भी एक ऐसी जगह छिपी हुई है जिसके बारे में बेहद कम लोग जानते हैं।
हिमाचल प्रदेश के स्पीति जिले की रहस्यमयी धरती पर बसा एक अनोखा गांव ग्यू भारत का एकमात्र ज्ञात ममी वाला गांव है। इस गांव को सबसे अधिक प्रसिद्धि ग्यू ममी के कारण ही मिली है।
तिब्बत के एक बौद्ध भिक्षु संघा तेनजिंग की बेहद प्राचीन ममी यहां पर अच्छी तरह से संरक्षित रखी हुई है। यह ममी 500 से 600 साल पुरानी मानी जाती है जिसकी खोज 1975 में आए भूकंप के बाद हुई थी।
यह ममी अब गुए के एक मंदिर में प्रदर्शित है। यह ममी बैठी हुई अवस्था में ही मिली थी, जिसमें त्वचा और बाल बरकरार थे। ऐसा शायद इसलिए हुआ हो क्योंकि भिक्षु ने जीवित रहते हुए ही खुद को ममी बनाना शुरू कर दिया होगा।
गौर करने वाली बात ये है कि वैज्ञानिकों ने भी जांच के दौरान इस ममी को प्राकृतिक रूप से संरक्षित पाया है इसमें किसी भी तरह के रसायन का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
ग्यू गांव के निकटतम प्रमुख स्थल काजा और ताबो है। ताबो से इस गांव की दूरी तकरीबन 40 किलोमीटर है। समदो चेकपोस्ट के पास से एक छोटा रास्ता इस गांव के लिए मुड़ता है जो मई से अक्टूबर में ही खुला रहता है।