होटल और टिकट बुक हो गए तो क्या ट्रिप का पूरा बजट बन गया? लोकल ट्रांसपोर्ट, पार्किंग और एंट्री टिकट जैसे छोटे खर्च अक्सर हिसाब से बाहर रह जाते हैं। जानें सफर से पहले किन 7 खर्चों के लिए पैसे अलग रखने चाहिए।
ट्रेन या फ्लाइट का टिकट तो बजट में जोड़ लिया, लेकिन उतरने के बाद होटल कैसे पहुंचेंगे? कैब, ऑटो और एयरपोर्ट ट्रांसफर का खर्च भी देखें। होटल का पिकअप मुफ्त है या उसके पैसे लगेंगे, बुकिंग से पहले पूछ लें।
होटल से बाजार, मंदिर या किसी व्यू पॉइंट तक आने-जाने में रोज पैसे लगेंगे। सिर्फ एक तरफ का किराया देखकर बजट न बनाएं। शेयर टैक्सी, बस या मेट्रो का विकल्प देखें और कैब बुक करने से पहले कुल किराया समझ लें।
म्यूजियम, किला, पार्क या दूसरी घूमने की जगह पर एंट्री टिकट लग सकता है। कुछ जगह कैमरा, गाइड या खास गतिविधियों का शुल्क अलग होता है। जिन जगहों पर जाना तय है, उनके टिकट का खर्च पहले ही जोड़ लें।
होटल में ब्रेकफास्ट शामिल होने से पूरे दिन का खाने का खर्च खत्म नहीं होता। चाय, कॉफी, स्नैक्स और सफर में लिया गया खाना भी कुल बिल बढ़ाते हैं। रोज के खाने का बजट रखें और साथ में कुछ हल्के स्नैक्स ले जाएं।
अपनी गाड़ी से जा रहे हैं तो सिर्फ पेट्रोल का हिसाब काफी नहीं है। रास्ते के टोल और घूमने की जगहों पर पार्किंग का खर्च भी जोड़ें। होटल में पार्किंग उपलब्ध है और उसका शुल्क अलग तो नहीं, यह भी पूछ लें।
सुबह होटल पहुंचने या शाम तक कमरा रखने पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। अपनी ट्रेन या फ्लाइट की टाइमिंग होटल के नियमों से मिलाएं। कमरा देर तक रखने का खर्च पूछें और सामान कुछ समय के लिए होटल में रखने का विकल्प भी जांच लें।
फ्लाइट बुक करते समय टिकट में शामिल बैगेज लिमिट जरूर देखें। ज्यादा सामान या अतिरिक्त बैग के पैसे लग सकते हैं। सीट चुनने और दूसरे ऐड-ऑन का शुल्क भी जांचें। सस्ता दिख रहा टिकट भुगतान तक पहुंचते-पहुंचते महंगा हो सकता है।