सकट चौथ का नाम आते ही घर की महिलाएं सबसे पहले संतान की लंबी उम्र और परिवार की सुख-शांति की कामना करती हैं। यह व्रत खासतौर पर माताएं अपनी संतान के लिए रखती हैं और मान्यता है कि इस दिन सकट माता की पूजा करने से जीवन के बड़े से बड़े संकट भी टल जाते हैं। भारत में सकट माता के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जहां सकट चौथ के दिन भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। अगर आप भी इस पावन दिन पर दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो जान लीजिए सकट माता के प्रमुख मंदिरों के बारे में।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित सकट माता मंदिर को सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध माना जाता है। कहा जाता है कि यहां मां सकट की पूजा करने से संतान से जुड़े कष्ट दूर होते हैं। सकट चौथ के दिन यहां विशेष पूजा, आरती और प्रसाद का आयोजन होता है। दूर-दूर से आए श्रद्धालु रात में चंद्र दर्शन के बाद माता के चरणों में माथा टेकते हैं।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी सकट माता का एक प्रमुख मंदिर है। स्थानीय लोगों के बीच यह मंदिर बहुत आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती। सकट चौथ पर महिलाएं व्रत रखकर माता से अपने बच्चों की सलामती की दुआ मांगती हैं।
भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा और उसके आसपास के क्षेत्रों में सकट माता की पूजा विशेष रूप से की जाती है। यहां सकट चौथ को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। मंदिरों में भजन-कीर्तन और कथा का आयोजन होता है, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है।
धार्मिक नगरी उज्जैन में भी सकट माता की मान्यता प्रचलित है। यहां मां को संकट हरने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। सकट चौथ पर स्थानीय भक्त उपवास रखकर मंदिर में दर्शन करने पहुंचते हैं और संतान सुख की कामना करते हैं।
इन बड़े मंदिरों के अलावा देश के कई शहरों और गांवों में सकट माता के छोटे-छोटे प्राचीन मंदिर भी हैं। मान्यता यही है कि माता स्थान नहीं, बल्कि श्रद्धा देखती हैं। इसलिए अगर आप किसी बड़े मंदिर नहीं जा पा रहे हैं, तो पास के सकट माता मंदिर में भी विधि-विधान से पूजा करने का वही फल मिलता है।
सकट चौथ के मौके पर अगर आप कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो ये मंदिर आपकी लिस्ट में जरूर शामिल होने चाहिए। यहां जाकर आपके मन को अलग ही शांति मिलेगी। साथ ही, देखने लायक नजारे भी होंगे। तो जल्द प्लान बना लें।