भारतीय भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। खेल जगत में भारत का नाम रोशन करने वाले नीरज का जन्म 24 दिसंबर 1997 को हरियाणा के पानीपत जिले के खंडरा गांव में हुआ था।
खंडरा गांव पानीपत से लगभग 15-20 किमी की दूर हरियाणा के रोहतक क्षेत्र में आता है। इस गांव की आबादी तकरीबन 2100 लोगों की ही है। खंडरा गांव और आस-पास के इलाकों में हरियाणवी संस्कृति को करीब से महसूस किया जा सकता है।
खंडरा गांव की यात्रा आप देसी खाने के स्वाद के लिए भी कर सकते हैं। देसी खाना खंडरा गांव की पहचान है। मक्की की रोटी और सरसों का साग के अलावा लस्सी, छाछ और हरियाणवी मुरमुरे का स्वाद चखना बिल्कुल भी मत भूलें।
खंडरा के पास घूमने की कुछ बेहद ही आकर्षक जगहें हैं। पानीपत से बस आठ किलोमीटर की दूरी पर काला अम्ब पार्क की यात्रा करें जिसका कनेक्शन पानीपत की तीसरी लड़ाई से है। इसके अलावा काबुली बाग मस्जिद, देवी मंदिर और सालारगंज दरवाजा जरूर जाएं।
नीरज चोपड़ा की उपलब्धियों के बाद खंडरा गांव में कई विकास कार्य हो रहे हैं। गांव में स्टेडियम, बैंक और अस्पताल जैसी सुविधाओं का तेजी से निर्माण चल रहा है। सामाजिक और शैक्षिक विकास में भी खंडरा गांव पहचान बना रहा है।
इसके निकटतम रेलवे स्टेशन पानीपत जंक्शन है। अगर आप सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं तो दिल्ली से लगभग 90-100 किमी दिल्ली-करनाल हाईवे से होते हुए यहां पहुंचा जा सकता है।