देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु केवल बांके बिहारी जी के दर्शन करने आते हैं और दर्शन के बाद वापस लौट जाते हैं। लेकिन कम लोग जानते हैं कि वृंदावन में भगवान कृष्ण का बिहारी स्वरूप कई मंदिरों में विराजमान है। आइए जानते हैं सभी के बारे में...
वृंदावन का नाम आते ही सबसे पहले बांके बिहारी मंदिर का नाम ध्यान में आता है। इस मंदिर में स्थापित प्रतिमा को स्वामी श्री हरिदास जी ने प्रकट कराया था।
यहां स्वयंभू श्रीकृष्ण की प्रतिमा विराजमान है, जिसे अत्यंत चमत्कारी माना जाता है।
यह मंदिर राधा-कृष्ण प्रेम भक्ति की परंपरा का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर राधा वल्लभ सम्प्रदाय का मुख्य उपासना केंद्र है और इसकी स्थापना संत हित हरिवंश महाप्रभु की प्रेरणा से की गई थी।
यह मंदिर वृंदावन में सेवा कुंज के पास मौजूद है। इस मंदिर में स्थापित गिरिराज शिला की परिक्रमा को गोवर्धन परिक्रमा के बराबर माना जाता है।
वृंदावन केवल एक मंदिर का शहर नहीं, बल्कि भक्ति और प्रेम की जीवंत परंपरा है। यदि आप वृंदावन जाएं तो आप केवल बांके बिहारी जी के दर्शन करके वापस न लौटें। बल्कि आपको सभी मंदिरों के दर्शन करने चाहिए।